दलित युवाओं के सपनों को मिले पंख:परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र योजना

UP / Uttarakhand

(लखनऊ,UP)26अगस्त,2025.

योगी सरकार ने अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) और ओबीसी के युवाओं को सिविल सेवा और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाने के लिए शुरू की परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र योजना के माध्यम से 701 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है।

समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र योजना के तहत इन वर्गों के अभ्यर्थियों को उच्चस्तरीय कोचिंग प्रदान की जा रही है, ताकि वे आईएएस, पीसीएस जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकें।

701 अभ्यर्थियों का हुआ चयन:
योगी सरकार की इस योजना के अंतर्गत सिविल सेवा समेत विभिन्न परीक्षाओं में 701 अभ्यर्थियों का चयन हो चुका है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए इस योजना के लिए 11.24 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है, जो योगी सरकार की समावेशी विकास की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

अभ्यर्थियों को मिल रहा है आधुनिक पाठ्यक्रम और विशेषज्ञों का मार्गदर्शन:
इस योजना का उद्देश्य प्रशिक्षण के साथ-साथ अभ्यर्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पूरी तरह तैयार करना है। इन केंद्रों में विषय विशेषज्ञ आधुनिक शिक्षण तकनीकों और नवीनतम पाठ्यक्रमों के आधार पर अभ्यर्थियों को मार्गदर्शन देते हैं। यहां प्रारंभिक, मुख्य परीक्षा से लेकर साक्षात्कार की तैयारी तक, हर चरण की कोचिंग प्रदान की जाती है। विशेष रूप से, लखनऊ में बालिकाओं के लिए समर्पित केंद्र भी बनाया गया है।

इन केंद्रों ने कई युवाओं को आईएएस, पीसीएस और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इन प्रशिक्षण केंद्रों से निकले युवा न केवल अपने परिवारों, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहे हैं। यह योजना सुनिश्चित करती है कि आर्थिक तंगी या सामाजिक बाधाएं किसी की प्रतिभा को रोक न सकें।

6784 अभ्यर्थी हुए लाभांवित: पीके त्रिपाठी
समाज कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक पीके त्रिपाठी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2017-18 से अब तक इस योजना से 6784 अभ्यर्थी लाभांवित हुए हैं। इस योजना के अंतर्गत अबतक संघ/राज्य लोक सेवा आयोग में कुल 48 अभ्यर्थियों का चयन हो चुका है।

इसके अलावा अन्य परीक्षाओं में 653 अभ्यर्थी चयनित हुए हैं। यही नहीं कोविड संक्रमण काल में इसे ऑनलाइन आयोजित किया गया। जिसके फलस्वरूप 81 अभ्यर्थी राज्य प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा तथा सहायक वन संरक्षक के रूप में चयनित हुए।

उच्चस्तरीय प्रशिक्षण के लिए आठ केंद्र:
समाज कल्याण विभाग द्वारा प्रदेश में आठ परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जो अनुसूचित जाति और जनजाति के अभ्यर्थियों को आधुनिक और परिवर्तित पाठ्यक्रमों के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान करते हैं। ये केंद्र विषय विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में अभ्यर्थियों को प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के लिए तैयार करते हैं।

इन केंद्रों में शामिल हैं:

श्री छत्रपति शाहू जी महाराज शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान, भागीदारी भवन, लखनऊ।
आदर्श पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र (बालिका), अलीगंज, लखनऊ।
न्यायिक सेवा पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र, प्रयागराज।
संत रविदास आईएएस, पीसीएस पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र, वाराणसी।
डॉ. बी.आर. अंबेडकर आईएएस, पीसीएस पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र, अलीगढ़।
डॉ. बी.आर. अंबेडकर आईएएस, पीसीएस पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र, आगरा।
आईएएस, पीसीएस कोचिंग केंद्र, निजामपुर, हापुड़।
राजकीय आईएएस, पीसीएस कोचिंग केंद्र, गोरखपुर।

इन केंद्रों में अनुसूचित जाति और जनजाति के उन अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण दिया जाता है, जिनके अभिभावकों की वार्षिक आय 6 लाख रुपये तक है। यह योजना सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के युवाओं को सशक्त बनाने का एक प्रभावी माध्यम है। (साभार एजेंसी)

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