(लखनऊ,UP)07सितम्बर,2025.
उत्तर प्रदेश में स्थित मुरादाबाद में गन्ना किसानों की सुविधा और लाभ को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने पेराई सत्र 2025-26 के लिए नई गन्ना सट्टा और आपूर्ति नीति लागू कर दी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में तैयार इस नीति को गन्ना मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी और राज्य मंत्री संजय गंगवार के मार्गदर्शन में किसान हितैषी है।
नए किसानों को होगा लाभ
मुरादाबाद के उप गन्ना आयुक्त हरपाल सिंह ने जानकारी देते हुए कहा कि इस बार नई नीति में समिति के नए किसानों के लिए विशेष प्रावधान किया गया है. अब उन्हें संबंधित चीनी मिल की औसत आपूर्ति या फिर जिले की औसत उत्पादकता का 70% तक सट्टा मिलेगा. हर साल प्रदेश में करीब दो लाख किसान समिति से जुड़ते हैं और इस फैसले से उन्हें सीधा फायदा होगा।
छोटे और महिला किसानों को प्राथमिकता
छोटे किसान (81 क्विंटल सट्टा धारक): इन्हें पेड़ी गन्ने की पर्चियां पहले से तीसरे पक्ष में और पौधा गन्ने की पर्चियां सातवें से नौवें पक्ष में मिलेंगी. इस परिवर्तन से लगभग 13.12 लाख छोटे किसान लाभान्वित होंगे।
अति लघु किसान (36 क्विंटल या चार पर्ची) और महिला कृषक (81 क्विंटल या नौ पर्ची): इन्हें पहली बार 100% पेड़ी गन्ने की पर्चियां शुरुआती पक्षों में दी जाएंगी. इस सुविधा से 3.75 लाख अति लघु किसान और 6268 महिला कृषक सीधा लाभ पाएंगे।
यांत्रिक हार्वेस्टिंग व पुराने आपूर्तिकर्ताओं पर निर्णय:
पेराई सत्र 2025-26 में जो किसान पहली बार मशीनों से हार्वेस्टिंग करेंगे, उन्हें सरकार द्वारा पारिवारिक कैलेंडर की सुविधा मिलेगी. इससे मजदूरों की कमी के बीच किसानों को आसानी होगी. इसके साथ ही, जिन किसानों ने केवल 2024-25 सत्र में ही गन्ना सप्लाई की थी, उनके कोटे का निर्धारण औसत या वास्तविक आपूर्ति, जो भी अधिक होगी उसके आधार पर किया जाएगा।
नए और बड़े किसानों के लिए प्रावधान
जिन नए किसानों के पास पेड़ी व शरदकालीन पौधा गन्ना है, उनकी पर्चियां पहली बार पांचवें से बारहवें पक्ष में लगाई जाएंगी. वहीं, पौधा गन्ना धारकों को पिछली बार की तरह सातवें पक्ष से पर्चियां मिलेंगी. इस प्रावधान से करीब एक लाख नए किसान जुड़ेंगे।
बड़े किसान, जिनके पास 2500 क्विंटल व उससे ज्यादा बेसिक सट्टा है, उन्हें एक कॉलम में अधिकतम 8 पर्चियां दी जाएंगी।
नई किस्म से बढ़ेगी मिलों की रिकवरी
गन्ना शोध परिषद ने विकसित किस्म 15023 को शीघ्र परिपक्व होने के कारण अगेती संवर्ग में शामिल किया गया है. इस किस्म में पेड़ी गन्ने की पर्चियां पहले-दूसरे पक्ष में और पौधा गन्ने की पर्चियां सातवें-आठवें पक्ष में जारी होंगी।इस फैसले से 3.66 लाख किसानों को लाभ मिलेगा, साथ ही चीनी मिलों को भी ज्यादा रिकवरी का लाभ मिलेगा।(साभार एजेंसी)
