(आगरा,UP)14सितम्बर,2025.
दुनिया के सात अजूबों में शामिल ताजमहल के मुख्य गुंबद के बाद अब उसकी मीनारों में भी सीलन का खतरा पैदा हो गया है। रिसाव से बचाने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने मीनारों में लगे संगमरमर के जाॅइंट्स को भरने का काम शुरू कर दिया है। यह काम मुख्य गुंबद में लगे कलश के पास पानी के रिसाव के बाद शुरू किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जाॅइंट्स से ही रिसाव होने की ज्यादा आशंका रहती है, इसलिए उसमें नया पेस्ट लगाकर मजबूत किया जा रहा है।
दरअसल, सितंबर 2024 में भारी बारिश के बाद ताज के मुख्य गुंबद पर लगे कलश के पास से पानी का रिसाव हो गया था। एएसआई ने लिडार और थर्मल स्कैनिंग के जरिये पाया कि कलश के पास जोड़ और दरार से रिसाव हुआ है। इस दौरान उसके आसपास के हिस्सों की भी स्कैनिंग की गई।
कुछ जगह जाॅइंट्स पर पानी मिलने पर उसे भी चिह्नित किया गया। साथ ही सीलन रोकने के लिए काम कराने का निर्णय लिया गया था। इसी के बाद मुख्य गुंबद की मरम्मत और कलश के पास पहुंचने के लिए पाड़ लगाकर काम शुरू हुआ।
शनिवार को पश्चिम की तरफ की मीनारों पर भी पाड़ लगाकर काम शुरू हो गया है। ताजमहल के वरिष्ठ संरक्षण सहायक प्रिंस वाजपेयी ने बताया कि मीनारों पर शुरू हुआ काम मुख्य गुंबद पर चल रहे काम का हिस्सा है। दरारों के बीच सीलन न आए, इसलिए समय-समय पर जाॅइंट्स में लगे पुराने मसाले को हटाकर नया मसाला लगाया जाता है। इससे जाॅइंट्स की मजबूती और बढ़ जाती है।(साभार एजेंसी)
