(लखनऊ,UP)10 नवंबर,2025.
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (एकजुट) अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) विद्यालयों को राजकीय का दर्जा दिलाने के लिए संघर्ष करेगा। संघ के प्रांतीय अधिवेशन में सोमवार को रामाधीन उत्सव भवन में इसके लिए सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।
वक्ताओं ने कहा कि बिना इसके उनका शोषण नहीं रुक सकता है।इसी तरह शिक्षकों के लिए सेवा शर्तों को लागू करने के लिए भी दबाव बनाना होगा। संघ के प्रदेश अध्यक्ष सोहन लाल वर्मा, महामंत्री राजीव यादव, उपाध्यक्ष प्रभात यादव, संरक्षक हरि प्रकाश यादव ने कहा कि शिक्षकों के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। आउटसोर्सिंग से भर्तियां हो रही हैं। शिक्षक भी 40 हजार में रखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि नए शिक्षा सेवा चयन आयोग में 18 (12) की धारा हटा दी गई। इससे शिक्षकों की सेवा शर्तों पर खतरा मंडरा गया है। हमें इसके लिए लड़ाई लड़ना है। विद्यालयों को अनुदान पर लिया जाए।
पुरानी पेंशन समाप्त कर दी गई है। वेतन, भत्ते समाप्त कर दिए जा रहे हैं। शिक्षक प्रतिनिधि सदन में हमारे मुद्दे नहीं उठा रहे हैं। प्रबंधक महासभा स्वायत्तता लेना चाह रही है। शिक्षक सिटीजन चार्टर लागू करने के लिए जिलों में दबाव बनाएंगे।
महामंत्री ने कहा कि एक विद्यालय के शिक्षक ने बताया कि बिना कारण बताए प्रधानाचार्य पद से प्रबंधक हटा दे रहे हैं। शिक्षकों को उत्पीड़न के खिलाफ एकजुट होना होगा। उन्होंने कहा कि जो हमारे शिक्षक हित की बात करेगा, हम उसका समर्थन करेंगे।(साभार एजेंसी)
