यूपी में एक जनवरी से वाहन प्रदूषण जांच शुल्क बढ़ेगा

UP / Uttarakhand

(लखनऊ,UP)19दिसंबर,2025.

उत्तर प्रदेश में वाहन प्रदूषण जांच (PUCC) कराने वालों को नए साल से ज्यादा शुल्क चुकाना होगा। 1 जनवरी से डीजल को छोड़कर बाकी सभी वाहनों की प्रदूषण जांच फीस में
5 रुपये की बढ़ोतरी की जा रही है। डीजल वाहनों के लिए शुल्क में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है, क्योंकि इनके रेट पिछले साल ही बढ़ाए जा चुके हैं।

वाहन मालिकों को दी गई यह सलाह:
परिवहन विभाग ने उन वाहन मालिकों को सलाह दी है, जिनकी प्रदूषण जांच की वैधता जल्द खत्म होने वाली है, कि वे 1 जनवरी से पहले ही पीयूसी करवा लें, ताकि बढ़े हुए शुल्क से बचा जा सके। इस संबंध में जल्द ही एक आधिकारिक आदेश जारी कर सभी आरटीओ और एआरटीओ कार्यालयों को निर्देश भेजे जाएंगे।

नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई:
प्रदेश में प्रदूषण मानकों को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। जिन वाहनों के पास वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं पाया जाएगा, उन पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। नियमों के मुताबिक, दोपहिया, तिपहिया, चारपहिया, बस और ट्रक, चाहे वे पेट्रोल, डीजल, सीएनजी या एलपीजी से चलते हों, सभी को हर छह महीने में प्रदूषण जांच कराना अनिवार्य है।

ऑनलाइन केंद्रों पर नए शुल्क के बिना नहीं मिलेगा प्रमाणपत्र:
1 जनवरी से ऑनलाइन प्रदूषण जांच केंद्र तभी पीयूसी प्रमाणपत्र जारी करेंगे, जब संशोधित शुल्क जमा किया जाएगा। अपर परिवहन आयुक्त (राजस्व) डॉ.आर.के. विश्वकर्मा ने बताया कि नए शुल्क दरों की जानकारी नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) के सीनियर टेक्निकल ऑफिसर पीयूष श्रीवास्तव को भेज दी गई है, ताकि PUCC पोर्टल पर रेट अपडेट किए जा सकें।

प्रदेश में 225 से ज्यादा प्रदूषण जांच केंद्र:
फिलहाल उत्तर प्रदेश में 225 से अधिक प्रदूषण जांच केंद्र संचालित हो रहे हैं। पिछले साल सभी श्रेणी के वाहनों की फीस में 5 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। जबकि डीजल वाहनों के शुल्क में 10 रुपये का इजाफा हुआ था। इस बार डीजल वाहनों को शुल्क वृद्धि से राहत दी गई है।

1 जनवरी से लागू होने वाले नए प्रदूषण जांच शुल्क
नए नियमों के तहत पेट्रोल से चलने वाले दोपहिया वाहनों के लिए प्रदूषण जांच शुल्क 65 रुपये से बढ़कर 70 रुपये हो जाएगा। पेट्रोल, एलपीजी और सीएनजी से चलने वाले तिपहिया वाहनों के लिए शुल्क 85 रुपये से बढ़ाकर 90 रुपये किया गया है। इसी तरह पेट्रोल, एलपीजी और सीएनजी चारपहिया वाहनों के लिए भी शुल्क 90 रुपये होगा। डीजल वाहनों के लिए प्रदूषण जांच शुल्क 120 रुपये पर यथावत रहेगा।

इलेक्ट्रिक वाहनों को अब भी पूरी छूट:
सरकार ने साफ किया है कि इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रदूषण जांच से पूरी तरह मुक्त रखा जाएगा। यह फैसला इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने की नीति के तहत लिया गया है।(साभार एजेंसी)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *