(लखनऊ,UP)19दिसंबर,2025.
हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने प्रदेश में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) लागू करने की मांग वाली जनहित याचिका को सारहीन कहकर खारिज कर दिया है। मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की खंडपीठ ने यह आदेश संत कबीर नगर के नरेंद्र कुमार त्रिपाठी की ओर से दाखिल याचिका पर दिया। कोर्ट ने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने का कोई ठोस कारण नहीं है। कहा कि एसआईआर प्रक्रिया 18 जुलाई 2025 से ही प्रारंभ हो चुकी है और इसकी अस्थायी मतदाता सूची 23 दिसंबर 2025 को प्रकाशित की जानी है। ऐसे में मात्र इस आधार पर कि लोकसभा एवं विधानसभा चुनावों के लिए जारी दिशा-निर्देश पंचायत चुनावों पर भी लागू किए जाएं, इसमें न्यायिक हस्तक्षेप उचित नहीं है। इस टिप्पणी के साथ कोर्ट ने याचिका को सारहीन करार देकर खारिज कर दिया।
पंचायत चुनाव की सूची में बढ़े 40 लाख से ज्यादा मतदाता
पंचायत चुनाव के लिए कराए गए मतदाता पुनरीक्षण अभियान में 18196367 नए मतदाताओं को जोड़ा गया है। अभियान में 14176809 मतदाताओं के नाम हटाए भी गए हैं। राज्य निर्वाचन आयुक्त आरपी सिंह ने बताया कि पुनरीक्षण में पिछली मतदाता सूची की अपेक्षा 4019558 (3.26 फीसदी) मतदाता बढ़े हैं।
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने बताया कि पुनरीक्षण से पहले पंचायत चुनाव की मतदाता सूची में 122950052 वोटर थे। अब ये संख्या 126969610 हो गई है। उन्होंने बताया कि जो नाम काटे गए हैं उनमें मृत, विस्थापित व डुप्लीकेट मतदाता शामिल हैं। इनमें सबसे अधिक 5367410 डुप्लीकेट मतदाता थे।
आंकड़ों के मुताबिक 18 से 23 वर्ष के ऐसे लोग जो पहली बार वोटर बने उनकी संख्या 1.05 लाख रही। उन्होंने बताया कि पुनरीक्षण के दौरान नए वोटरों को जोड़ने को प्राथमिकता दी गई। ये भी सुनिश्चित किया गया है।(साभार एजेंसी)
