नकली कफ सिरप: चपेट में आ सकते हैं बड़े नाम

UP / Uttarakhand

(लखनऊ,UP)20दिसंबर,2025.

नशीले कफ सिरप मामले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय ने मुख्य आरोपियों में शामिल शुभम जायसवाल द्वारा 100 करोड़ रुपये कीमत का कफ सिरप खरीदने की जांच शुरू कर दी है। शुभम ने सिरप की यह खेप दिल्ली स्थित एबॉट फार्मास्युटिकल्स कंपनी से खरीदी थी, जिसे सहारनपुर के विभोर राणा ने बिक्री नहीं होने की वजह से कंपनी को वापस किया था। ईडी के अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि शुभम ने कंपनी को भुगतान करने के लिए इतनी बड़ी रकम का इंतजाम कहां से किया था। सूत्रों की मानें तो इसमें एक माफिया की भूमिका जांच के दायरे में है।

सूत्रों की मानें तो नशीले कफ सिरप मामले में माफिया की संलिप्तता की ईडी गोपनीय तरीके से जांच कर रहा है। माफिया की संपत्तियों के साथ बैंक खातों पर भी जांच एजेंसी की नजर है। वहीं उसका आलीशान मकान भी ईडी के अधिकारियों के लिए कौतूहल का सबब बना हुआ है, जिसकी कीमत 50 करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है। वहीं दूसरी ओर शुभम जायसवाल और उसके करीबी परिजनों के 70 से ज्यादा बैंक खातों की पड़ताल की जा रही है ताकि कफ सिरप की तस्करी से होने वाली कमाई की मनी ट्रेल का पता लगाया जा सके। वहीं कुछ खाते ऐसे भी हैं, जिनमें संदिग्ध लेन-देन होने की वजह से आरोपियों ने पहले ही फ्रीज करा दिया है। अब ईडी के अधिकारी संबंधित बैंकों से इन खातों में जमा की गई रकम का ब्योरा लेंगे।

जांच में यह भी सामने आया है कि शुभम जायसवाल के पिता भोला जायसवाल की जिस शैली ट्रेडर्स फर्म से अरबों रुपये कीमत के नशीले कफ सिरप की तस्करी की गई थी, उसके ड्रग लाइसेंस और जीएसटी नंबर में एक सपा नेता के भाई के दो मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड है। सूत्रों की मानें तो रजिस्टर मोबाइल नंबर सपा की लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय सचिव रवि यादव के भाई मिलिंद यादव का है। वाराणसी निवासी मिलिंद पर शैली ट्रेडर्स के साथ मिलकर कफ सिरप की तस्करी करने का आरोप है। मिलिंद भी सपा कार्यकर्ता बताया जाता है।(साभार एजेंसी)

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