(नई दिल्ली)18जनवरी,2026.
भारत की बढ़ती शतरंज की विरासत में एक और नाम जुड़ गया। 21 साल के आर्यन वार्ष्णेय देश के 92वें ग्रैंडमास्टर (जीएम) बन गए। उन्होंने आर्मेनिया में आंद्रानिक मार्गारियन मेमोरियल में खिताब जीतकर यह उपलब्धि हासिल की। आर्यन ने एक बाजी रहते ही ट्रॉफी पक्की कर ली थी। आर्यन जीएम बनने वाले दिल्ली के आठवें खिलाड़ी हैं।
आर्यन अगस्त 2024 में इंटरनेशनल मास्टर्स (आईएम) बनने के डेढ़ साल के भीतर जीएम बन गए। उन्होंने सात साल की उम्र में पिता से शतरंज खेलना सीखना शुरू किया था। दो साल में ही उन्होंने पहली बार दिसंबर 2014 में एक शतरंज टूर्नामेंट में भाग लिया था,तक उनकी रेटिंग 1261 थी। आर्यन जब पांच साल के थे तब उनकी मां का निधन हो गया था। आर्यन का पहला लक्ष्य विश्व चैंपियन बनना है। दूसरा मौजूदा विश्व चैंपियन भारत के डी गुकेश को हराना है(साभार एजेंसी)
