बंगाल के लिए ममता की 10 प्रतिज्ञा

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(नई दिल्ली)20मार्च,2026.

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 के लिए सत्ताधारी दल तृणमूल कांग्रेस की तरफ से चुनावी घोषणापत्र जारी किया गया। राजधानी कोलकाता में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी समेत तमाम नेताओं की मौजूदगी में ये चुनावी घोषणा पत्र जारी किया गया है।

सीएम ममता ने एक्स पर साझा किया घोषणापत्र
चुनावी घोषणापत्र को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ‘लक्ष्मी भंडार योजना के तहत, ₹500 की बढ़ोतरी के साथ, महिलाओं को मासिक वित्तीय सहायता मिलती रहेगी – सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को ₹1,500 (सालाना ₹18,000) और SC/ST लाभार्थियों को ₹1,700 (सालाना ₹20,400)। मैं ‘बांग्लार युवा-साथी’ योजना जारी रखूंगी, जिसके तहत बेरोजगार युवाओं को हर महीने ₹1,500 (सालाना ₹18,000) की वित्तीय सहायता दी जाएगी। मैं ₹30,000 करोड़ का ‘कृषि-बजट’ भी शुरू करने का वादा करती हूं, ताकि किसान परिवारों को लगातार सहायता मिलती रहे, भूमिहीन किसानों को सहारा मिले और कृषि क्षेत्र का समग्र विकास हो सके। इसके अलावा, मेरी सरकार हर ब्लॉक और शहर में सालाना ‘दुआरे चिकित्सा’ शिविर आयोजित करेगी, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं लोगों के दरवाजे तक प्रभावी ढंग से पहुंच सकें। मैं ‘बांग्लार शिक्षायतन’ योजना के तहत सभी सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे का समग्र विकास सुनिश्चित करूंगी।’

केंद्र सरकार पर सीएम ममता का हमला
इस दौरान सीएम ममता बनर्जी ने कहा, ‘चुनावों के दौरान हम कई साजिशें देखते हैं, लेकिन इस बार तो सारी हदें पार हो गई हैं। इस चुनाव के बाद परिसीमन होगा, लेकिन मोदी सरकार सत्ता में वापस नहीं आएगी क्योंकि जनता भाजपा सरकार को पसंद नहीं करती। इसके पीछे एनआरसी और परिसीमन का हाथ है।’

वे बंगाल से ईर्ष्या करते हैं- ममता बनर्जी
सीएम ममता बनर्जी ने आगे कहा, ‘यहां पर्यवेक्षक के तौर पर तैनात लोगों को न तो इस क्षेत्र की जानकारी है, न ही राज्य की; उन्हें राज्य के बारे में कुछ भी पता नहीं है। वे अपना कर्तव्य कैसे निभा सकते हैं? राष्ट्रपति शासन की जगह अघोषित राष्ट्रपति शासन लागू हो गया है। क्योंकि भाजपा जानती है कि आगामी विधानसभा चुनावों में उसे हार का सामना करना पड़ेगा। मोदी जी, आप यहां अघोषित राष्ट्रपति शासन के तहत चुनाव लड़ रहे हैं क्योंकि वे बंगाल से ईर्ष्या करते हैं। उन्होंने पूरी व्यवस्था को ही उलट-पुलट कर दिया है।’

‘बंगाल चुनाव के बाद NRC-जनगणना के नाम पर छीन जाएगी लोगों की नागरिकता’
वहीं, मुख्यमंत्री ने दावा किया कि केंद्र सरकार बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद एनआरसी और जनगणना के नाम पर लोगों की नागरिकता छीन लेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत निर्वाचन आयोग अधिकारियों का बड़े पैमाने पर तबादला कर रहा है और यह सब भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। ममता बनर्जी ने कहा कि इन तबादलों के जरिए चुनाव से पहले राज्य में पैसे और हथियारों की एंट्री कराई जा सकती है, जिससे चुनाव प्रभावित हो सकते हैं।

‘SIR में विशेष समुदाय के लोगों को बनाया गया निशाना’
ममता बनर्जी ने एक और बड़ा दावा करते हुए कहा कि एक विशेष समुदाय के लोगों को एसआईआर प्रक्रिया में ज्यादा निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि लगभग 60 लाख मामलों की जांच चल रही है, जिनमें से करीब 22 लाख मामलों का निपटारा हो चुका है और लगभग 10 लाख नाम सूची से हटाए गए हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों की सच्चाई की जांच होना जरूरी है।(साभार एजेंसी)

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