(मथुरा,UP)16अप्रैल,2026
इस वर्ष 34 गांव में सुनियोजित विकास का रास्ता खुलेगा। इन गांव में अवैध कॉलोनियों भी विकसित नहीं हो सकेंगी। विप्रा की सीमा में 34 गांव शामिल होने हैं, जिसका प्रस्ताव पिछले वर्ष शासन को भेजा जा चुका
है। इस वर्ष इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
विप्रा की सीमा में शामिल होने हैं 34 गांव:
मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण की वर्ष 2024 वर्ष में हुई बोर्ड बैठक में गोवर्धन और छाता विधानसभा क्षेत्र के 29 गांव शामिल करने का प्रस्ताव पास हुआ था। यह सभी गांव बरसाना क्षेत्र के हैं। बरसाना के महत्व को देखते हुए यह गांव शामिल किए जा रहे हैं।
इन गांव के शामिल होने से विकास कार्य में तेजी आएगी। वर्ष 2025 में जनवरी में हुई बोर्ड बैठक में फरह क्षेत्र के पांच गांव विप्रा की सीमा में शामिल करने का प्रस्ताव पास हुआ था।
विप्रा शासन को भेजा चुका है प्रस्ताव,हरी झंडी का इंतजार:
अभी विकास प्राधिकरण की सीमा करीब 1076 वर्ग किलोमीटर है। इन गांव के शामिल होने के बाद 174 वर्ग किलोमीटर और बढ़ जाएगी। इन गांव का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। अब शासन से हरी झंडी मिलने का इंतजार है। इन गांव के विप्रा की सीमा में शामिल होने के बाद विकास की गति बढ़ेगी। अनाधिकृत कॉलोनियां विकसित होने पर रोक लगेगी।
विप्रा सचिव आशीष कुमार सिंह ने बताया कि इस वर्ष इन गांव को विप्रा की सीमा में शामिल कराने का प्रयास किया जाएगा।
यह गांव किए हैं प्रस्तावित
छाता क्षेत्र के मानपुर, आजनौख, करहला, ब्रिजवारी, कमालपुर, पिसावा, मड़ोई, लौधोली, गोवर्धन क्षेत्र के ऊंचागांव, रूपनगर, चिकसौली, डभाला, खोर, कमई, हाथिया, डाहरौली, सींह, पलसों, मड़ौरा, भगौसा, सकरवा, रहेड़ा, ततारपुर, सहार, देवपुरा,भरनाकला।(साभार एजेंसी)
