(नई दिल्ली)19जून,2026
भारत ने अंतररराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलता हासिल की है। भारत के उम्मीदवार प्रोफेसर डॉ. बिमल एन पटेल को अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून न्यायाधिकरण ( ITLOS ) का न्यायाधीश चुना गया है। वह 2026 से 2035 तक इस पद पर बने रहेंगे। इस अवसर पर विदेश मंत्री एस जयशंकर और विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने उन्हें बधाई दी है।
इस चुनाव में भारत को सदस्य देशों का व्यापक समर्थन और विश्वास प्राप्त हुआ। भारत सरकार ने सभी सदस्य देशों का आभार व्यक्त करते हुए प्रो. पटेल को इस प्रतिष्ठित पद पर निर्वाचित होने के लिए बधाई दी है। साथ ही न्यायाधिकरण के लिए चुने गए अन्य सभी प्रतिष्ठित सदस्यों को भी शुभकामनाएं दी गई हैं।
विदेश मंत्री ने सदस्य देशों को दिया धन्यवाद:
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, डॉ. बिमल पटेल को बधाई! UNCLOS के सदस्य देशों को उनके समर्थन के लिए तहे दिल से धन्यवाद।
वहीं रणधीर यह जानकारी शेयर करते हुए रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘भारत के उम्मीदवार, प्रोफ़ेसर (डॉ.) बिमल एन. पटेल को 2026-35 के कार्यकाल के लिए ‘इंटरनेशनल ट्राइब्यूनल फॉर द लॉ ऑफ द सी’ (ITLOS) का जज चुना गया है। हम भारत पर भरोसा जताने के लिए सभी सदस्य देशों का धन्यवाद करते हैं और प्रोफ़ेसर पटेल तथा ट्राइब्यूनल के लिए चुने गए सभी प्रतिष्ठित सदस्यों को बधाई देते हैं।’
प्रो. (डॉ.) बिमल एन. पटेल का ITLOS में चयन वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा और समुद्री कानून के क्षेत्र में उसकी मजबूत उपस्थिति को दर्शाता है।
UNCLOS क्या है?
‘यूनाइटेड नेशंस कन्वेंशन ऑन द लॉ ऑफ सी’ एक महत्वपूर्ण महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय संधि है जो समुद्री क्षेत्रों, संसाधनों और पर्यावरण के उपयोग के नियम तय करती है। इसमें करीब 168 सदस्य देश शामिल हैं। भारत ने 1982 में इस पर हस्ताक्षर किए थे और 1995 में इस संधि का अनुमोदन किया था। (साभार एजेंसी)
