राजस्थान में OBC का घर-घर सर्वे शुरू

Rajasthan

(जयपुर,राजस्थान)10जुलाई,2026

राजस्थान में पंचायत और नगर निकाय चुनावों का इंतजार फिलहाल और लंबा होने वाला है। इसकी सबसे बड़ी वजह शुक्रवार से शुरू हुआ राज्यव्यापी OBC घर-घर सर्वे है। राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आयोग की टीमें 10 जुलाई से 23 जुलाई तक पूरे प्रदेश में ऑनलाइन सर्वे कर राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़े आंकड़े जुटाएंगी। यह सर्वे सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित ‘ट्रिपल टेस्ट’ प्रक्रिया का हिस्सा है। आयोग इसी आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगा, जिसके बाद राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग आगे की चुनावी प्रक्रिया शुरू करेंगे।

हर घर पहुंचेगी सर्वे टीम:
आयोग की ओर से नियुक्त प्रगणक और सर्वे टीम प्रदेश के प्रत्येक घर में जाकर ऑनलाइन जानकारी जुटाएगी। सर्वे के दौरान OBC समुदाय के राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक पिछड़ेपन से जुड़े तथ्य एकत्र किए जाएंगे। इसके बाद आंकड़ों का सत्यापन, विश्लेषण और संकलन कर आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा।

रिपोर्ट के बाद ही चुनाव की घोषणा:
राज्य निर्वाचन आयोग पहले ही सरकार को बता चुका है कि OBC आयोग की रिपोर्ट मिलने के बाद चुनाव प्रक्रिया पूरी कराने में कम से कम 90 दिन लगेंगे। ऐसे में यदि आयोग जुलाई के अंत तक भी अपनी रिपोर्ट सौंप देता है तो पंचायत और निकाय चुनाव अक्टूबर से पहले पूरे होना मुश्किल माना जा रहा है।

सरकार का दावा- हमारी तैयारी पूरी:
स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा का कहना है कि सरकार ने चुनाव से जुड़ी सभी प्रशासनिक तैयारियां, परिसीमन और वार्ड पुनर्गठन का काम पूरा कर लिया है। अब चुनाव कार्यक्रम पूरी तरह OBC आयोग की रिपोर्ट और राज्य निर्वाचन आयोग की संवैधानिक प्रक्रिया पर निर्भर है।

कांग्रेस ने उठाए सवाल
इधर,चुनाव में देरी को लेकर कांग्रेस लगातार सरकार पर निशाना साध रही है। कांग्रेस नेता संयम लोढ़ा ने राजस्थान हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर 31 जुलाई तक चुनाव कराने के आदेश का पालन नहीं होने का आरोप लगाया है। वहीं सरकार का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार ट्रिपल टेस्ट पूरा किए बिना OBC आरक्षण के साथ चुनाव कराना संभव नहीं है।

याचिकाकर्ता क्या बोले:
मामले में याचिकाकर्ता संयम लोढा ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि ओबीसी आयोग की रिपोर्ट को लेकर जो भी प्रक्रिया चलाई जा रही है उसके कोई मायने नहीं हैं। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट अपने फैसले में यह स्पष्ट कर चुके हैं कि आयोग की रिपोर्ट समय पर नहीं आती है तो पूर्ववर्ती ओबीसी आरक्षण की सीमा को ही तय मानकर चुनाव करवाए जाएं।

कैविएट भी दायर की- संयम लोढा के वरिष्ठ अधिकवक्ता पुनीत सिंघवी ने पंचायत और निकाय चुनावों को लेकर होने वाली किसी भी सुनवाई के लिए राज्य सरकार से पहले उनका पक्ष सुने जाने के लिए कैविएट भी दायर कर दी है। गौरतलब है कि राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रदेश में 31 जुलाई तक पंचायत और निकाय चुनाव संपन्न करवाने के लिए कहा है। लेकिन राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग की तरफ से तय समय पर चुनाव करवाने की तैयारियां पूरी नहीं है। ऐसे में सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग हाईकोर्ट में रियायत के लिए अपील दाखिल करने की तैयारी में है।(साभार एजेंसी)

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