तैरता हुआ पुल,40 हजार रिचार्जेबल बल्ब और पौराणिक पेंटिंग,कुंभ मेले के लिए तैयार हो रहा प्रयागराज

Uttar Pradesh

(प्रयागराज UP)17नवम्बर,2024.

प्रयागराज में कुंभ मेला 2025 का आयोजन अगले साल 13 जनवरी, 2025 से 26 फरवरी के बीच होने जा रहा है। इसके लिए तैयारियां चरम पर हैं। खुद योगी आदित्यनाथ तैयारियों का जायजा ले चुके हैं। कुंभ मेला प्रयाग, हरिद्वार, उज्जैन और नासिक में लगता है।

कुंभ मेले से पहले सड़क किनारे दीवारों को पौराणिक पेंटिंग से सजाया जा रहा है। इस तस्वीर में दीवार को कृष्णलीला (बाल्यकाल) से सजाया गया है। इसके अलावा शहर की साफ सफाई और आवागमन के लिए भी खास तैयारियां की गई हैं। भारतीय रेलवे कुंभ मेला के लिए कई स्पेशल ट्रेनें भी चलाएगा।

महाकुंभ मेला 2025 की तैयारियों के तहत गंगा नदी पर एक अस्थायी पंटून पुल का निर्माण किया जा रहा है। यह पुल पानी में तैरता रहता है। 2019 में गंगा और यमुना के आर-पार जाने के लिए 22 पंटून पुल बनाए गए थे। पंटून पुल में हवा भरे पीपों के ऊपर रास्ता बनाया जाता है। हालांकि, यह सिर्फ इंसानों और छोटे वाहनों के लिए ही होता है।

प्रयागराज में आगामी ‘महाकुंभ’ मेले की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। तस्वीर में गंगा नदी में काम करते मजदूर। महाकुंभ मेला धार्मिक आयोजन होने के साथ ही स्थानीय लोगों के लिए रोजगार का बड़ा साधन होता है। यहां दुकान लगाने वाले लोगों की जमकर कमाई होती है। साथ ही मजदूरों को भी अभी से काफी काम मिल रहा है। मेला खत्म होने के बाद साफ सफाई करने वाले लोगों को भी अच्छा रोजगार मिलता है।

प्रयागराज में तीन नदियों गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती के संगम पर ‘महाकुंभ मेले’ से पहले एक पंटून पुल (तैरता हुआ पुल) बनाया जा रहा है। धार्मिक लिहाज से त्रिवेणी संगम का महत्व बहुत ज्यादा है। करोड़ों भक्त कुंभ मेले के दौरान त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाने के लिए आते हैं। इसी वजह से संगम के पास लोगों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए खास तैयारी की जा रही है।(साभार एजेंसी)

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