श्रीकृष्ण जन्माष्टमी आज,मध्यरात्रि से 12:43 तक पूजन का शुभ मुहूर्त

UP / Uttarakhand

( मथुरा ,UP )16अगस्त,2025.

जन्माष्टमी आज, मध्यरात्रि से 12:43 तक पूजन का शुभ मुहूर्त, इन नियमों का कजन्माष्टमी पर शनिवार को 190 साल बाद दुर्लभ योग बन रहा है। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि जन्माष्टमी तिथि शुक्रवार रात 11:49 बजे से शनिवार रात 9:34 बजे तक है। शुक्रवार को चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में, सूर्य अपनी स्वराशि सिंह में, गुरु मिथुन राशि में और मंगल कन्या राशि में होगा। ऐसे में 190 साल के बाद जन्माष्टमी पर गौरी, बुध आदित्य, वेशी, अमृत सिद्धि, गजलक्ष्मी और राजराजेश्वर योग बन रहा है।

इससे पहले ग्रहों का ऐसा ही योग 1835 में बना था। चंद्रमा, सूर्य, मंगल और गुरु 190 साल बाद जन्माष्टमी पर एक जैसी स्थिति में होंगे। जन्माष्टमी का व्रत रखने और श्रीकृष्ण का पूजन करने वाले श्रद्धालुओं को संतान सुख, वंश वृद्धि, सुख शांति मिलेगी। उनके सारे मनोरथ पूरे होंगे। बटेश्वर मंदिर के पुजारी जय प्रकाश गोस्वामी ने बताया कि शौरीपुर बटेश्वर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव मनाया जाएगा। इसके लिए तैयारियां हो रही हैं।

इन नियमों का करें पालन:
जन्माष्टमी के दिन ब्रह्मचर्य का पालन करें साथ ही दिन में सोने से बचें।
इस व्रत में अन्न और नमक ग्रहण नहीं करना चाहिए। उपवास करने से कृष्णा जी का आशीर्वाद मिलता है
इस दिन आप दूध, दही साबूदाना का सेवन करे कुट्टू के आटे से बने व्यंजन, फल आदि का सेवन कर सकते हैं।

खीरे का विशेष महत्व:
ज्योतिषाचार्य अनिता पाराशर ने बताया कि जन्माष्टमी पर खीरा काटना भगवान कृष्ण के जन्म का प्रतीक है। आधी रात को जब भगवान कृष्ण का जन्म होता है तब खीरा काटकर उसके बीज निकालकर उसे नाभि छेदन की क्रिया के रूप में मनाया जाता है। खीरे का डंठल गर्भनाल का प्रतीक माना जाता है और इसे काटकर भगवान कृष्ण को माता देवकी के गर्भ से अलग करने की रस्म निभाई जाती है और आरती करके पूजा की जाती है।

जन्माष्टमी पर घर को सजाने के लिए आप मंदिर को सजा सकते हैं, भगवान कृष्ण के लिए पालना सजा सकते हैं और घर को रंगोली, फूलों, और रोशनी से सजा सकते हैं। झांकी बनाने के लिए, आप कृष्ण की मूर्ति को एक सुंदर पालने में रख सकते हैं और उसे मोर पंख, फूल, और अन्य सजावटी वस्तुओं से सजा सकते हैं। आप झूले के चारों ओर मोर पंख भी लगा सकते हैं।
एक सुंदर झांकी बनाएं जिसमें भगवान कृष्ण की मूर्ति को पालने में रखा जाए। झांकी को वृंदावन के दृश्य की तरह सजाया जा सकता है, जिसमें पेड़, कुटिया, और अन्य सजावट शामिल हैं।
घर को रंगोली, फूलों, और रोशनी से सजाएं। आप दीवारों पर कृष्ण-लीलाओं के चित्र भी लगा सकते हैं।

भगवान कृष्ण को माखन बहुत पसंद है, इसलिए जन्माष्टमी पर एक माखन मटकी को सजाकर रखे भगवान कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को उठाया था, इसलिए आप एक गोवर्धन पर्वत की झांकी भी बना सकते है इस दीन दीपक जलाकर घर को रोशन करें।(साभार एजेंसी)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *