“उ.प्र.में स्पेस टेक्नोलॉजी के लिए खुलेंगे मौके”-मुख्यमंत्री योगी

UP / Uttarakhand

(लखनऊ,UP)26अगस्त,2025.

मुख्यमंत्री योगी आदित्नाथ ने कहा कि अंतरिक्ष यात्री एवं ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष यात्रा से न केवल अंतरिक्ष में अपनी पहचान बनाई, बल्कि प्राकृतिक आपदाओं, जलवायु परिवर्तन और कृषि संकट से निपटने के लिए भी नई दिशा दिखाई है। स्पेस टेक्नोलॉजी के उपयोग से प्राकृतिक आपदाओं का बेहतर प्रबंधन और किसानों की आय में वृद्धि संभव है। वह सोमवार शाम लोकभवन में ग्रुप कैप्टन कैप्टन शुभांशु शुक्ला के अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे।

विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के अनुभव का इस्तेमाल करे। उन्होंने स्पेस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए शुभांशु शुक्ला के नाम से स्कॉलरशिप का ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने 18 दिनों में पूरी पृथ्वी का दौरा किया, जो किसी भी आम नागरिक के लिए अविश्वसनीय अनुभव है। उनका यह अनुभव भविष्य में उत्तर प्रदेश और देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश को चार दशक के बाद लखनऊ में जन्मे ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के जरिए अवसर मिला है। हर भारतवासी बड़े विश्वास और आशा भरी निगाहों से उनकी अंतरिक्ष यात्रा को देख रहा था। सीएम ने कहा कि तीन वर्ष पहले प्रदेश में स्पेस टेक्नोलॉजी को लेकर किसी भी विश्वविद्यालय में पाठ्यक्रम नहीं था। अब दर्जनभर से अधिक टेक्निकल इंस्टीट्यूट में स्पेश टेक्नोलॉजी को लेकर कोर्सेज संचालित हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत वासियों के सामने वर्ष 2047 तक देश को विकसित भारत बनाने का लक्ष्य दिया है।

इसे साकार करने के लिए विकास के उन सभी क्षेत्र के लिए अपने द्वार खुले रखने होंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शुभांशु शुक्ला के अनुभव से आने वाले समय में उत्तर प्रदेश और भारत के युवा इस क्षेत्र में और भी अधिक सक्रिय हो सकते हैं। यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए एक नई प्रेरणा का स्रोत है। भारत सरकार ने पिछले 11 वर्षों में स्पेस सेक्टर में तेजी से कदम बढ़ाए हैं। ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की यात्रा के माध्यम से हम 2027 में गगनयान मिशन और 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में बड़े कदम उठा सकते हैं।

टेक्नोलॉजी से कर सकते हैं चुनौती का सामना
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए प्रदेश में अर्ली वार्निंग सिस्टम लगाए गए हैं। इसके लिए भारत सरकार सहयोग कर रही है, लेकिन हम स्वंय के सेटेलाइट, रिमोट सेंसिंग स्टेशन के माध्यम से आपदाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आपदाएं नियंत्रित नहीं हो सकती हैं, यह कहकर हम अपने जिम्मेदारियों से भाग नहीं सकते हैं। इन चुनौतियों का सामना टेक्नोलॉजी से किया जा सकता है।

इसरो अध्यक्ष से हर मुद्दे पर हुई चर्चा
मुख्यमंत्री ने कहा कि इसरो के अध्यक्ष वी. नारायणन से अंतरिक्ष यात्रा को लेकर बातचीत हुई है, जिसमें ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की यात्रा, अंतरिक्ष मिशन और भविष्य में होने वाली प्रयोगों पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्टेम (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथमेटिक्स) शिक्षा के महत्व पर बल दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शुभांशु शुक्ला के पिता प्रदेश सरकार के सचिवालय प्रशासन में अधिकारी थे। उनके इस गौरवपूर्ण मार्ग पर चलते हुए आज उनके पुत्र ने न केवल उत्तर प्रदेश को बल्कि समूचे देश को गौरान्वित किया है।

ग्रुप कैप्टन के पिता, माता और पत्नी का हुआ सम्मान
कार्यक्रम में उप मुख्मयंत्री बृजेश पाठक ने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की माता आशा शुक्ला, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने पिता शंभु दयाल शुक्ला और मेयर सुषमा खर्कवाल ने ग्रुप कैप्टन की पत्नी कामना शुक्ला को अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।(साभार एजेंसी)

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