( लखनऊ ,UP) 02सितम्बर,2025.
लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट पर अब ऊंची इमारतें नहीं बन सकेंगी। उसके आसपास बनने वाली इमारतों के लिए एलडीए की अनुमति लेनी होगी।
एयरपोर्ट की सुरक्षा के लिए एयरपोर्ट एक्शन ग्रुप का गठन किया गया है। यह ग्रुप सुरक्षा और पर्यावरण संबंधित समस्याओं को हल करेगी। बीते सप्ताह हुई इसकी पहली बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि पांच किलोमीटर के दायरे में हाईराइज बिल्डिंग बनाने से पहले एलडीए से अनिवार्य रूप से एनओसी लेनी होगी।
बीते सप्ताह मंडलायुक्त की अध्यक्षता में हवाई अड्डा पर्यावरण समिति की बैठक हुई थी। जिसमें प्रमुख विभागों का संयुक्त एक्शन ग्रुप बनाने निर्देश दिया था। जिसमें यह तय किया गया कि हवाई अड्डे के पांच किलोमीटर के दायरे में आने वाले क्षेत्रों में अब संयुक्त अभियान चलाया जाएगा। ऊंची बिल्डिंगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी क्योंकि एयरपोर्ट के पास अनाधिकृत रूप से बनीं इमारतें दुर्घटना का कारण बन सकती हैं। सार्वजनिक स्थानों पर कूड़े का ढेर और कचरा फेंकना, एयरपोर्ट के आसपास ऊंचे पेड़, जो विमानों के लिए एक खतरा बन सकते हैं आदि प्रमुख समस्याएं हैं जिन पर एक्शन ग्रुप ने चर्चा की। बैठक में एसडीएम सरोजनीनगर अंकित शुक्ला, एलडीए जोन-दो के जोनल अधिकारी देवांश त्रिवेदी, नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अभिनव वर्मा, जोनल अधिकारी अजित राय के अलावा एलआईयू और पुलिस के अधिकारी मौजूद रहे।
अमौसी ओवर ब्रिज पर खड़े ऑयल टैंकरों को हटाने के लिए समिति बनी:
हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में एक जनहित याचिका पर सुनवायी के दौरान राज्य सरकार की ओर से बताया गया है कि अमौसी ओवर ब्रिज पर गैर कानूनी तरीके से खड़े ऑयल टैंकरों को हटाने के लिए डीसीपी, ट्रैफिक ने तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। इस पर कोर्ट ने मामले की अगली सुनवायी के लिए 6 अक्टूबर की तिथि नियत करते हुए, डीसीपी ट्रैफिक से कार्यवाही की रिपोर्ट तलब की है, साथ ही अगली सुनवायी पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित होने का भी आदेश दिया है। न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ल की खंडपीठ ने यह आदेश शिव मोहन की जनहित याचिका पर दिया। याचिका में कहा गया है कि अमौसी ओवर ब्रिज पर गैर कानूनी तरीके से ऑयर टैंकर पार्क होते हैं जिनसे न सिर्फ ट्रैफिक की असुविधा होती है, बल्कि खतरा भी उत्पन्न हो रहा है।(साभार एजेंसी)
