मुंबई से चेन्नई तक होंगे ‘इन्वेस्ट यूपी’ के सैटेलाइट ऑफिस

Uttar Pradesh

(लखनऊ,UP)24अक्टूबर,2025.

निवेश आकर्षित करने के लिए उ.प्र.राज्य सरकार देश के पांच प्रमुख महानगरों मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और नई दिल्ली में ‘इन्वेस्ट यूपी’ के सैटेलाइट इन्वेस्टमेंट प्रमोशन ऑफिस खोलने जा रही है। इन ऑफिसों के माध्यम से उत्तर प्रदेश की निवेश क्षमता और औद्योगिक अवसरों को सीधे देश के बड़े कारोबारी केंद्रों तक पहुंचाने की योजना है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही इन्वेस्ट यूपी के पुनर्गठन को मंजूरी दे चुके हैं। इसी क्रम में अब यह सैटेलाइट ऑफिस योजना लागू की जा रही है, जो निवेशकों और सरकार के बीच संवाद को मजबूत करेगी और राज्य की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस छवि को और सुदृढ़ बनाएगी।

प्रत्येक ऑफिस में होगी समर्पित टीम
प्रत्येक सैटेलाइट ऑफिस में एक जनरल मैनेजर, एक असिस्टेंट जनरल मैनेजर, दो उद्यमी मित्र, दो एग्जिक्यूटिव और दो ऑफिस असिस्टेंट की नियुक्ति की जाएगी। सभी पांचों केंद्रों पर कुल मिलाकर लगभग 12 करोड़ की वार्षिक धनराशि व्यय होने का अनुमान है। इन ऑफिसों का उद्देश्य केवल निवेश आकर्षित करना ही नहीं, बल्कि निवेशकों को परियोजना क्रियान्वयन, नीति मार्गदर्शन और राज्य के औद्योगिक माहौल की प्रत्यक्ष जानकारी देना भी है।

हर शहर का अलग फोकस एरिया तय
राज्य सरकार ने हर सैटेलाइट ऑफिस के लिए उस शहर की औद्योगिक और आर्थिक विशेषताओं के आधार पर रणनीतिक सेक्टर तय किए हैं।
मुंबई ऑफिस वित्तीय सेवाओं, इंफ्रास्ट्रक्चर, फिनटेक और ईएसजी फंड पर केंद्रित रहेगा।
बेंगलुरु ऑफिस जीसीसी (ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर), एयरोस्पेस, सेमीकंडक्टर, ईवी और डीपटेक उद्योगों को लक्ष्य बनाएगा।
हैदराबाद ऑफिस फार्मा, डेटा सेंटर, हेल्थटेक और एंटरप्राइज सेक्टर पर फोकस करेगा।
चेन्नई ऑफिस ऑटोमोटिव, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल और हार्डवेयर निर्माण क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करेगा।
नई दिल्ली ऑफिस इन्वेस्ट यूपी और एशिया-यूरोपीय संघ सहयोग सुविधा केंद्र के रूप में काम करेगा।

निवेश से विकास’ की दिशा में बड़ा कदम
सरकार का मानना है कि देश के इन प्रमुख शहरों में मौजूदगी से न केवल उत्तर प्रदेश को घरेलू निवेश में बढ़त मिलेगी, बल्कि विदेशी निवेश आकर्षण में भी तेजी आएगी। मुख्यमंत्री ने कहा है कि उत्तर प्रदेश अब केवल उपभोक्ता राज्य नहीं, बल्कि निवेशकों का पसंदीदा गंतव्य बन चुका है।

सैटेलाइट ऑफिस इस दिशा में सेतु का काम करेंगे और राज्य को देश के शीर्ष औद्योगिक नेटवर्क से सीधे जोड़ेंगे। इन ऑफिसों की स्थापना से उत्तर प्रदेश “मेक इन यूपी” अभियान को और गति देगा और वैश्विक निवेश मानचित्र पर अपनी स्थायी पहचान दर्ज कराएगा(साभार एजेंसी)

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