(लखनऊ,UP)13दिसंबर,2025.
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने उत्तर प्रदेश त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में मतपत्रों (बैलेट पेपर) पर नोटा विकल्प और प्रत्याशियों के नाम न होने के मामले में केंद्र, राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग से जवाब-तलब किया है।न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति इंद्रजीत शुक्ला की खंडपीठ ने शुक्रवार को अधिवक्ता सुनील कुमार मौर्य की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए संबंधित पक्षों को जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है। याचिका में तर्क दिया गया है कि मौजूदा व्यवस्था में बैलेट पेपर पर सिर्फ चुनाव चिह्न होते हैं, नाम नहीं।
इससे मतदाताओं में भ्रम पैदा होता है। साथ ही पंचायत चुनावों में नोटा का विकल्प न होना मतदाताओं के कानूनी अधिकारों का उल्लंघन है, जबकि शहरी निकाय चुनावों में यह सुविधा उपलब्ध है, जो ग्रामीण मतदाताओं के साथ भेदभाव है।याची ने कोर्ट से, राज्य निर्वाचन आयोग को आगामी पंचायत चुनावों में बैलेट पेपर पर प्रत्याशी का नाम और नोटा का कॉलम शामिल करने के निर्देश देने का आग्रह किया है। मामले की अगली सुनवाई छह सप्ताह बाद होगी(साभार एजेंसी)
