(आगरा,UP)23जनवरी,2026.
एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी को अत्याधुनिक बनाने के साथ बेड की क्षमता भी बढ़ाई जा रही है। इसमें 200 बेड होंगे। यह 10 मंजिला बिल्डिंग होगी। जांच, सर्जरी समेत सभी तरह की सुविधा मिलेगी। 18 महीने में ये तैयार हो जाएगी। इससे दुर्घटना में घायल और अतिगंभीर मरीजों के लिए इलाज की बेहतर सुविधा हो जाएगी।
प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि इंटीग्रेटेड प्लान के तहत इमरजेंसी का विस्तार किया जा रहा है। अभी 80 बेड हैं। विस्तार के बाद 200 बेड की क्षमता हो जाएगी। इसमें हड्डी रोग, सर्जरी, न्यूरो सर्जरी, प्लास्टिक सर्जरी और मेडिसिन विभाग के वार्ड होंगे। दस मंजिला इमारत में हर मंजिल पर एक विभाग स्थापित होगा। हड्डी, न्यूरोसर्जरी और प्लास्टिक एंड बर्न वार्ड में 20-20 बेड होंगे। सर्जरी, हड्डी रोग और मेडिसिन के 30-30 बेड होंगे। 50 बेड का आईसीयू होगा। चार मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर होंगे। चिकित्सकों के लिए चैंबर, रिसेप्शन और मरीजों के लिए वेटिंग एरिया भी होगा। इसमें गंभीर मरीजों के अलावा दुर्घटना में घायलों को इमरजेंसी आने पर इलाज, जांच और ऑपरेशन की सुविधा मिलेगी। अगले साल जून में इमारत बनकर तैयार हो जाएगी।
एमआरआई, सीटी स्कैन समेत सभी तरह की जांच
इमरजेंसी में मरीजों को सभी तरह की जांच कराने की भी सुविधा मिलेगी। इसमें एमआरआई, सीटी स्कैन, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड समेत खून की जांच भी हो सकेगी। इसी इमारत से सटकर रेडियो डायग्नोसिस विभाग भी रहेगा। इमरजेंसी से इस विभाग को जोड़ा जाएगा। डॉक्टर के लिए विशेष चैंबर होंगे।
अभी 80 बेड की है इमरजेंसी
इमरजेंसी में अभी 80 बेड की ही सुविधा है। इस वजह से बेड फुल रहते हैं। कई बार मरीजों को 10-15 घंटे में ही विभागों के वार्डों में शिफ्ट करना पड़ता है, जबकि इमरजेंसी में 24 घंटे तक मरीज को रखना जरूरी होता है। बेड बढ़ने के साथ विशेषज्ञ डॉक्टर के अलावा स्टाफ की भी अतिरिक्त नियुक्ति होगी।(साभार एजेंसी)
