सीएम योगी ने दी 1311 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात

UP / Uttarakhand

(लखीमपुर खीरी,UP)11अप्रैल,2026.

लखीमपुर खीरी के मोहम्मदी तहसील क्षेत्र के मियांपुर गांव का नाम बदलकर अब रविंद्र नगर किया जाएगा। इसकी घोषणा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को मियांपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान की। मुख्यमंत्री ने यहां पूर्वी पाकिस्तान (बांग्लादेश) से विस्थापित होकर बसाए गए बंगाली हिंदू परिवारों को भूमि का मलिकाना हक प्रदान किया। साथ ही अन्य विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ दिया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने खास तौर पर विभाजनकारी राजनीति से सावधान रहने की बात कही। उन्होंने तुष्टिकरण और विभाजन की राजनीति पर जमकर निशाना साधा। मुख्यमंत्री योगी ने जिले में दो जगहों पर आयोजित कार्यक्रम में 817 करोड़ की 314 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इसके साथ ही 4356 थारू परिवारों और 2350 विस्थापित परिवारों को भूमि का मालिकाना हक संबंधी अधिकार पत्र प्रदान किए।

रविंद्र नाथ ठाकुर के नाम से जाना जाएगा गांव:
सीएम योगी ने कहा कि पापी पाकिस्तान ने पहले भारत का विभाजन किया, फिर पाकिस्तान भी टुकड़े हुए। पाकिस्तान अभी और टुकड़ों में बंटने वाला है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के पाप की सजा वहां रह रहे हिंदू, सिख, बौद्ध, पारसी लोगों को मिली है। क्योंकि वहां किसी और जाति के लिए कोई जगह नहीं है। सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस का पाप देखा। आपका अधिकार लिया और वोट लेते रहे। लेकिन आपको जमीन का अधिकार नहीं दिया। आपकी पहचान छिपाने के लिए गांव का नाम भी मियांपुर रख दिया। एक भी मियां, नाम मियांपुर। अब ये मियांपुर नाम नहीं रहेगा। अब इस गांव का नाम रविंद्र नगर होगा। गुरुदेव रविंद्र नाथ ठाकुर के नाम पर यह गांव जाना जाएगा।
थारू परिवारों को भी मिला जमीन का मालिकाना हक
इससे पहले सीएम योगी ने पलियाकलां के चंदनचौकी में 4356 थारू परिवारों को 538 हेक्टेयर जमीन के स्वामित्व संबंधी अधिकार पत्र दिए। 1976 से ये परिवार सिर्फ जमीन का उपयोग कर रहे थे, अब वे इसके मालिक बन गए हैं। इसके अलावा सीएम योगी ने यहां विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इसमें सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं।

जहां प्रजा सुखी, वही सच्चा शासन-सीएम योगी
सीएम योगी ने कहा कि सच्चा शासन वही है, जहां प्रजा सुखी रहे। शासन की खुशी का आधार उसकी जनता की खुशी है। यह कार्य तभी होता है जब शासन सत्ता में संवेदना होती है। बिना भेदभाव के काम हो। आज जो काम हो रहा है ये उसी संवेदना का काम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों में संवेदनाओं का अभाव था। अपने परिवारवाद से ऊपर उठ पाते तो इन थारू परिवारों के बारे में सोच पाते।(साभार एजेंसी)

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