“भारत दक्षिण कोरिया के साथ संबंध मजबूत करने के लिए तैयार”-राष्ट्रपति मुर्मू

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(नई दिल्ली)21अप्रैल,2026

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि भारत दक्षिण कोरिया के साथ आपसी लाभ वाले व्यापार संबंधों को आगे बढ़ाने और सहयोग को मजबूत करने के लिए तैयार है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और पर्यटन जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

हरित और स्वच्छ ऊर्जा में साझेदारी बढ़ाने पर जोर
उन्होंने कहा, दोनों देश मिलकर हरित ऊर्जा, स्वच्छ ऊर्जा और जलवायु तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग के अवसर तलाशें, ताकि मानवता के लिए एक टिकाऊ भविष्य सुनिश्चित किया जा सके।

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग की पहली भारत यात्रा पर राष्ट्रपति ने उनका स्वागत किया और भारत-कोरिया संबंधों को मजबूत करने में उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति बनने के पहले वर्ष में ही यह यात्रा दिखाती है कि वह इस संबंध को कितना अहमियत देते हैं।

राष्ट्रपति मुर्मू ने क्या कहा?
■ राष्ट्रपति दौपदी मुर्मू ने कहा कि भारत और दक्षिण कोरिया हरित ऊर्जा, स्वच्छ ऊर्जा और जलवायु तकनीक में सहयोग बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं।
■ उन्होंने कहा कि दोनों देश टिकाऊ भविष्य सुनिश्चित करने के लिए नए सहयोग अवसर तलाश रहे हैं।
■ उन्होंने पर्यावरण और जलवायु से जुड़े क्षेत्रों में साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया।
■ दोनों देशों के बीच पर्यावरण आधारित तकनीकी सहयोग बढ़ाने की दिशा तय हुई है।

एआई,सेमीकंडक्टर और पर्यटन में सहयोग बढ़ाने की योजना
राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी बयान में कहा गया, राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि भारत एआई, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, स्वच्छ ऊर्जा, सेवाओं और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में व्यापार और सहयोग को और बढ़ाना चाहता है।

तकनीक की ताकत से युवाओं को मिलेगा लाभ
उन्होंने यह भी कहा कि भारत के पास कौशल, गति और बड़े पैमाने पर काम करने की क्षमता है। जबकि दक्षिण कोरिया के पास उच्च तकनीकी निर्माण में विशेषज्ञता है। दोनों मिलकर युवाओं के लिए नए अवसर बना सकते हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और कोरिया दोनों ही लोकतांत्रिक देश हैं और साझा मूल्यों को मानते हैं।

सीईपीए वार्ता फिर से शुरू करने पर सहमति जताई
उन्होंने यह भी बताया, दोनों देशों ने कई क्षेत्रों में सहयोग के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना बनाई है, जिसमें जहाज निर्माण, बंदरगाह विकास, डिजिटल सहयोग, छोटे और मध्यम उद्योग, स्टील, शिक्षा, अनुसंधान, संस्कृति और लोगों के आपसी संपर्क शामिल हैं। दोनों पक्षों ने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) पर बातचीत फिर से शुरू करने के लिए एक संयुक्त घोषणा भी अपनाई है। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और दक्षिण कोरिया का सहयोग दोनों देशों के लोगों के लिए बहुत लाभकारी हो सकता है और दोनों एक-दूसरे से बहुत कुछ सीख सकते हैं।

15 समझौतों पर हस्ताक्षर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति की बातचीत के बाद दोनों देशों ने 15 समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इनमें औद्योगिक सहयोग ढांचा और स्टील आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने जैसे समझौते शामिल हैं।

भारत और दक्षिण कोरिया ने 2030 तक अपने वार्षिक व्यापार को लगभग 50 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य भी तय किया है। दोनों देशों नेआर्थिक साझेदारी समझौते को अगले एक वर्ष में उन्नत करने पर सहमति जताई है।(साभार एजेंसी)

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