(लखनऊ,UP)03मई,2026.
मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने श्रमवीर गौरव समारोह 2026 में कहा कि राज्य सरकार हर श्रमिक परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा कवच से जोड़ेगी। अब तक 12.26 लाख पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को आयुष्मान कार्ड सुविधा दी जा चुकी है, जिससे उनके परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का निशुल्क इलाज उपलब्ध हो रहा है। शेष 15.83 लाख श्रमिकों को भी इस योजना से जोड़ा जाएगा। औसतन एक परिवार में 5 सदस्यों के आधार पर, यह पहल 75 से 80 लाख लोगों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ देगी। सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश में कम से कम एक करोड़ श्रमिक परिवारों, यानी लगभग 5 करोड़ लोगों तक इस योजना का सीधा लाभ पहुंचाना है।
अटल आवासीय विद्यालय के पहले बैच के मेधावी छात्रों को सम्मानित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन बच्चों ने सीबीएसई बोर्ड की मेरिट लिस्ट में स्थान प्राप्त कर अपने माता-पिता के अथक श्रम व पसीने की लाज रखी है। श्रमिकों की मेहनत को नमन करते हुए कहा कि सर्दी-गर्मी, आंधी-तूफान की परवाह किए बिना आप जो पसीना बहाते हैं, उसकी एक-एक बूंद धरती माता को सोना उगलने की शक्ति देती है। पहले जो श्रमिक दूसरों को छत, अन्न और अस्पताल देते थे, स्वयं उनके पास आवास नहीं होता था, उनके बच्चे भूख से तड़पते थे और उन्हें इलाज की सुविधा नहीं मिलती थी। लेकिन अब प्रधानमंत्री के नेतृत्व में ‘श्रममेव जयते’ मंत्र के साथ श्रमिकों को सम्मान और गौरव मिल रहा है।
श्रमिक अब सम्मान और सुविधाओं का हकदार
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने महाकुंभ के दौरान श्रमिकों के पैर धोकर और अयोध्या-काशी में पुष्पवर्षा कर उनके श्रम और समर्पण का सम्मान किया। कभी कोई सोच भी नहीं सकता था कि श्रमिक के पास भी अपना पक्का घर होगा। लेकिन पिछले 12 वर्षों में देश में 4 करोड़ से अधिक लोगों को आवास मिला है, जिनमें उत्तर प्रदेश में 65 लाख परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत घर दिए गए हैं। देश में 12 करोड़ शौचालयों का निर्माण हुआ, जिसमें उत्तर प्रदेश में 2 करोड़ 61 लाख परिवार शामिल हैं।
सरकार श्रमिकों की हर विपदा में साथ
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले आपदा आने पर बटाईदार और खेतिहर श्रमिक कर्ज के बोझ तले दब जाते थे, लेकिन अब आपदा में मुआवजा केवल भूमि स्वामी को नहीं, बल्कि बटाईदार और खेत पर काम करने वाले श्रमिक को भी मिलेगा। मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत उन्हें 5 लाख रुपये तक का बीमा कवर दिया गया है और हर वर्ष 700 से 1000 करोड़ रुपये तक की सहायता प्रभावित श्रमिक परिवारों को उपलब्ध कराई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 18 मंडलों में स्थापित अटल आवासीय विद्यालय में अनुभवी शिक्षकों की तैनाती की गई है, ताकि श्रमिक का बच्चा भविष्य में अधिकारी बने। पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में 18,000 नए उद्योग स्थापित हुए हैं, जिनसे 65 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि ‘वन नेशन-वन राशनकार्ड’ की सुविधा के तहत श्रमिक देश में कहीं भी अपना राशन ले सकता है। ई-श्रम पोर्टल पर सबसे अधिक पंजीकरण उत्तर प्रदेश के हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़े-बड़े शहरों में श्रमिक अड्डे बनते थे। काम करने के बाद ठेकेदार या मालिक मजदूरी देने से मना कर देते थे या कम देते थे। अब सरकार ने साफ कहा है कि काम किया है तो उसका दाम भी मिलना चाहिए। अगर कोई मजदूरी नहीं देगा, तो सरकार उसका काम तमाम करेगी।
सभी 75 जनपदों में स्थापित होंगे ईएसआईसी औषधालय
मुख्यमंत्री ने कहा कि ठहरने की बेहतर सुविधा के लिए श्रमिक डॉरमेट्री बना रहे हैं। इनमें सस्ती और गुणवत्तापूर्ण कैंटीन भी होंगी। साफ-सुथरे शौचालय, स्नानघर तथा मनोरंजन के साधन भी होंगे। सीसीटीवी कैमरों से सुरक्षा, कॉमन एरिया, गार्ड की व्यवस्था, ये सब भी श्रमिक डॉरमेट्री में होंगे। इसके साथ ही ईएसआईसी औषधालयों का विस्तार किया जा रहा है। वर्तमान में 41 जनपदों में 116 ईएसआईसी औषधालय संचालित हैं। शेष 34 जनपदों में भी जल्द ही एक-एक ईएसआईसी औषधालय स्थापित होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में उद्योगों में काम करने वाले श्रमिकों के मानदेय में वृद्धि की गई है। उद्योग और श्रमिक एक-दूसरे के पूरक हैं। औद्योगिक अशांति किसी भी स्थिति में नहीं होने देनी है। जहां औद्योगिक अशांति होती है, वहां अंत में खंडहर के सिवाय कुछ नहीं बचता। जो लोग समृद्धि और विकास के विरोधी हैं, वे उद्योग नहीं चलने देना चाहते। वे लोगों को बहकाने का काम करेंगे, लेकिन हमें बहकना नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रम एवं सेवायोजन विभाग नए वेज बोर्ड का गठन किया जाएगा। औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले सभी श्रमिकों, विशेषकर जिन उद्योगों में 10 या उससे अधिक श्रमिक कार्यरत हैं, को उचित मजदूरी मिलेगी। बीमा कंपनियों और उद्यमियों से बातचीत कर औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों को भी 5 लाख रुपये सालाना का स्वास्थ्य बीमा कवर निःशुल्क देने की तैयारी की जा रही है।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, बृजेश पाठक, श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, श्रम एवं सेवायोजन राज्य मंत्री मनोहर लाल मन्नू कोरी, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार, अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार,प्रमुख सचिव एवं अध्यक्ष उत्तर प्रदेश यूपीबीओसीडब्ल्यू बोर्ड डॉ. एम.के.एस. सुंदरम और श्रम आयुक्त मार्कंडेय शाही मौजूद थे।
ग्रेटर नोएडा में श्रमिक सुविधा केंद्रों का शिलान्यास
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ग्रेटर नोएडा के विभिन्न सेक्टरों में श्रमिक सुविधा केंद्रों के निर्माण का शिलान्यास किया। इन केंद्रों के निर्माण से श्रमिकों को एक ही स्थान पर आवश्यक सेवाएं और सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। ग्रेटर नोएडा के ईएसआईसी अस्पताल के लिए भूमि आवंटन पत्र दिया। मुख्यमंत्री ने सीएम कंपोजिट विद्यालय, जेवर के निर्माण का भी शिलान्यास किया। गीडा गोरखपुर में भी 5 एकड़ भूमि पर ईएसआईसी हॉस्पिटल का निर्माण किया जाएगा। जहां ईएसआईसी हॉस्पिटल नहीं बन पाए, वहां श्रमिकों और उनके परिवार को आयुष्मान भारत जैसी सुविधा दी जाएगी।(साभार एजेंसी)
