(लखनऊ,UP)22मई,2026.
उत्तर प्रदेश में गन्ना उत्पादन में लगातार गिरावट को देखते हुए सरकार और किसान संगठनों ने उत्पादन बढ़ाने के उपायों पर मंथन शुरू किया है। इसी कड़ी में क्षेत्र में एक समर्पित गन्ना विश्वविद्यालय स्थापित करने के प्रस्ताव को सहमति मिली है। लखनऊ के गन्ना संस्थान, डॉलीबाग में आयोजित बैठक की अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव वीणा कुमारी ने की।
इस बैठक में भारतीय किसान यूनियन (गैर-राजनीतिक) के प्रतिनिधियों ने भी भाग लेकर उत्पादन बढ़ाने, मृदा स्वास्थ्य सुधारने, कीट नियंत्रण और उन्नत बीजों के उपयोग पर सुझाव दिए।
भ्रामक प्रचार पर सख्ती की तैयारी:
बैठक में कृषि उत्पादों और दवाओं के भ्रामक प्रचार पर रोक लगाने के लिए कृषि विभाग को पत्र लिखने का निर्णय लिया गया।
हर मिल पर मृदा परीक्षण लैब का प्रस्ताव
किसानों की मदद के लिए सभी चीनी मिलों पर मृदा परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया, ताकि मिट्टी की गुणवत्ता सुधारकर उत्पादन बढ़ाया जा सके।
नई किस्मों को दिया जाएगा बढ़ावा
गन्ने की उन्नत किस्में कोएलके-20016 और कोएलके-21012 को प्रदेश में खेती के लिए जारी करने की सिफारिश की गई, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता में सुधार हो सके।
रोग नियंत्रण और शोध पर बढे़गा फोकस:
गन्ने में टॉप बोरर की समस्या को देखते हुए वैज्ञानिक अध्ययन कराने का फैसला लिया गया। इसके लिए प्रस्ताव सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय और शाहजहांपुर के गन्ना शोध केंद्र को भेजे जाएंगे।
मिट्टी सुधार और किसानों को राहत
किसानों को मुफ्त प्रेसमड उपलब्ध कराने और मिट्टी में कार्बन बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा हुई, जिससे दीर्घकालीन उपज बढ़ाने में मदद मिलेगी।(साभार एजेंसी)
