(नई दिल्ली)24मई,2026
वैश्विक स्तर पर खाद्य महंगाई का संकट गहराने वाला है। सिटी रिसर्च की हालिया रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि कृषि वस्तुओं की कीमतें आने वाले समय में मजबूत दबाव का सामना कर सकती हैं। इस महंगाई के पीछे मुख्य रूप से अल नीनो (El Nino) की सक्रियता और होर्मुज जलडमरूमध्य में संभावित तनाव को प्रमुख कारण माना जा रहा है।
आपूर्ति श्रृंखला पर संकट के बादल
रिपोर्ट के मुताबिक, कृषि बाजार कई स्तरों पर आपूर्ति संबंधी जोखिमों का सामना कर रहे हैं। यदि होर्मुज जलडमरूमध्य लंबे समय के लिए बंद होता है, तो ऊर्जा और उर्वरक की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे वैश्विक स्तर पर खेती की लागत बढ़ जाएगी। इसके अलावा, तेल आधारित फफूंदनाशकों (fungicides) और कीटनाशकों की उपलब्धता घटने से फसल की पैदावार में कमी आने की भी चिंता है।
सिटी रिसर्च ने यह भी संकेत दिया है कि यदि जीवाश्म ईंधन (fossil fuel) की कीमतें बढ़ती हैं, तो कृषि वस्तुओं का उपयोग बायोफ्यूल बनाने के लिए अधिक किया जाएगा, जिससे खाद्य पदार्थों की कीमतों में और अधिक तेजी आएगी।
खाद्य पदार्थों पर असर और अल नीनो का प्रभाव
रिपोर्ट के अनुसार, इस साल मई के मध्य तक ही व्यापारिक कृषि वस्तुओं की कीमतों में 13 प्रतिशत की वृद्धि देखी जा चुकी है। वहीं, अप्रैल तक व्यापक खाद्य सूचकांक (food indices) में 5 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है। रिपोर्ट में विशेष रूप से चीनी, कोको और कॉफी को मौसम संबंधी जोखिमों के प्रति सबसे अधिक संवेदनशील बताया गया है। अल नीनो के कारण एशिया के कई हिस्सों में तापमान बढ़ने और बारिश कम होने की आशंका है, जिससे वैश्विक खाद्य आपूर्ति और तंग हो सकती है।
मध्य पूर्व में जारी तनाव और वैश्विक स्तर पर आपूर्ति श्रृंखला में बाधाओं के चलते कमोडिटी बाजार पहले से ही अस्थिरता का सामना कर रहे हैं, जो भविष्य के लिए खाद्य सुरक्षा और महंगाई के मोर्चे पर एक गंभीर चुनौती बन सकते हैं।(साभार एजेंसी)
