भारत की नई आर्थिक रणनीति: पीएम मोदी-EAC की बैठक

National

(नई दिल्ली)06जून,2026.

वैश्विक उथल-पुथल और भू-राजनीतिक तनावों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बड़ा कदम उठाया है। दुनिया भर में चल रहे आर्थिक संकटों के बीच भारत को एक मजबूत शक्ति बनाए रखने के उद्देश्य से, पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (PM-EAC) के सदस्यों के साथ एक अहम बैठक की अध्यक्षता की। इस उच्च स्तरीय बैठक का मुख्य फोकस देश की आर्थिक वृद्धि को गति देना और वर्तमान वैश्विक चुनौतियों का डटकर सामना करने के लिए नई रूपरेखा तैयार करना रहा।

वैश्विक संकट में विकास की रणनीति
प्रधानमंत्री और आर्थिक सलाहकार परिषद के बीच हुई इस बैठक में मुख्य रूप से उन रणनीतियों पर मंथन किया गया, जो भारत को वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के दौर में भी तेजी से आगे बढ़ने में मदद कर सकती हैं। बैठक के दौरान, वर्तमान वैश्विक उथल-पुथल के समय में भारत की आर्थिक वृद्धि को और बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण विचारों और नए उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।

ईज ऑफ लिविंग’ और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ पर जोर
अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए केवल नीतियां बनाना ही काफी नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर सुधार करना भी जरूरी है। इसी दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए, बैठक में आम नागरिकों और व्यापार जगत के लिए महत्वपूर्ण सुधारों पर जोर दिया गया। पीएम मोदी और परिषद के सदस्यों ने देश में ‘ईज ऑफ लिविंग’ यानी जीवन को आसान बनाने और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को और बेहतर करने वाले विभिन्न सुधारों पर भी चर्चा की। इसका सीधा उद्देश्य देश में व्यापारिक माहौल को अधिक अनुकूल बनाना और लालफीताशाही को कम करना है।

पश्चिम एशिया संघर्ष का भारत और दुनिया पर प्रभाव
इस समय वैश्विक पटल पर पश्चिम एशिया का संघर्ष एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है, जिसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। बैठक के दौरान इस भू-राजनीतिक संकट को लेकर भी गंभीरता से चर्चा हुई। पीएम-ईएसी के सदस्यों ने पश्चिम एशिया संघर्ष का भारत सहित पूरी दुनिया पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों का अपना आकलन प्रधानमंत्री के सामने पेश किया। यह आकलन सरकार को भविष्य की आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए नीतियां तैयार करने में मदद करेगा।

प्रधानमंत्री और आर्थिक सलाहकार परिषद की यह बैठक इस बात का स्पष्ट संकेत है कि सरकार वैश्विक चुनौतियों को लेकर पूरी तरह सतर्क है। पश्चिम एशिया के तनाव और वैश्विक उथल-पुथल के बीच भारत अपनी आर्थिक वृद्धि को सुरक्षित रखने और घरेलू स्तर पर व्यापार व जीवन को आसान बनाने वाले सुधारों को तेजी से लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।(साभार एजेंसी)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *