(जयपुर,राजस्थान)09जून,2026.
राजस्थान की राजधानी जयपुर में अतिक्रमण को लेकर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई हो रही है। इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। जयपुर समेत कई जिलों से फोर्स मंगवाई गई है। बता दें कि कृष्णा मार्ग चौड़ीकरण परियोजना के तहत सड़क सीमा में आ रहे पांच धार्मिक स्थलों को हटाने की कार्रवाई के लिए रविवार को कड़े सुरक्षा इंतजाम शुरू कर दिए गए थे। प्रशासन ने पूरे इलाके को सील कर दिया है और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। मौके पर आम लोगों के साथ-साथ मीडिया की एंट्री भी प्रतिबंधित कर दी गई है। कार्रवाई स्थल के आसपास स्थित मकानों की छतों पर भी पुलिस जवानों को तैनात किया गया है ताकि पूरे क्षेत्र की निगरानी की जा सके। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की है और ऐहतियातन इंटरनेट भी बंद करवा दिया है।
कार्रवाई में करीब 22 जेसीबी मशीनों को लगाया गया है जो अतिक्रमण हटाने और ढांचों को हटाने का काम कर रही हैं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में अभियान चलाया जा रहा है। मौके पर मौजूद अधिकारियों का कहना है कि जब तक पूरा क्षेत्र अतिक्रमण मुक्त नहीं हो जाता, तब तक कार्रवाई जारी रहेगी।
गौरतलब है कि जयपुर विकास प्राधिकरण ने इससे पहले 22 मई को इसी मार्ग पर अभियान चलाकर 134 अतिक्रमण हटाए थे। इसके बाद सड़क सीमा में आ रहे धार्मिक स्थलों के प्रबंधन और संबंधित पक्षों को स्वयं निर्माण हटाने के लिए समय दिया गया था। निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद अब प्रशासन ने स्वयं कार्रवाई शुरू की है।
अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में कई स्थानों पर कृष्णा मार्ग की चौड़ाई केवल 25 से 30 फीट रह गई है, जबकि राजस्व रिकॉर्ड में इसकी चौड़ाई 80 फीट दर्ज है। करीब डेढ़ किलोमीटर लंबा यह मार्ग नंदपुरी अंडरपास को जगतपुरा से जोड़ता है और आसपास की दर्जनों कॉलोनियों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है।
प्रशासन का दावा है कि सड़क चौड़ीकरण के बाद यातायात का दबाव कम होगा और नंदपुरी, जगतपुरा, मालवीय नगर तथा आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। सुरक्षा एजेंसियां सोशल मीडिया पर भी लगातार निगरानी रख रही हैं और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
इंटरनेट बंद
इस बड़े अतिक्रमण हटाओ अभियान को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियातन मोबाइल इंटरनेट और सोशल मीडिया सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला लिया है। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई के दौरान कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। आधे शहर का इंटरनेट बंद है। जयपुर संभागीय आयुक्त वी. सरवन कुमार ने आदेश जारी करते हुए कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और इंटरनेट आधारित सेवाओं के दुरुपयोग से अफवाहें फैलने तथा सार्वजनिक शांति भंग होने की आशंका को देखते हुए इंटरनेट सेवाओं पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है। प्रशासन का मानना है कि संवेदनशील कार्रवाई के दौरान भ्रामक संदेश, वीडियो या पोस्ट तेजी से वायरल होकर माहौल को प्रभावित कर सकते हैं।(साभार एजेंसी)
