(नई दिल्ली)13जून,2026
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी शनिवार को फ्रांस और स्लोवाकिया की दो देशों की यात्रा पर रवाना हो गए हैं। इस दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ होने वाली वार्ता में रक्षा सहयोग प्रमुख विषय रहने की संभावना है। भारत महत्वपूर्ण समुद्री क्षेत्रों में बढ़ती रणनीतिक प्रतिस्पर्धा के बीच अपनी सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने का प्रयास कर रहा है, जिसके मद्देनजर दोनों नेताओं के बीच रक्षा साझेदारी को और सुदृढ़ करने पर विशेष चर्चा होने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा,’ अगले कुछ दिनों में, मैं फ्रांस और स्लोवाकिया में विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए उपस्थित रहूंगा, जिनमें द्विपक्षीय वार्ता, बहुपक्षीय बैठकें और भारतीय प्रवासी भारतीयों के साथ संवाद शामिल हैं। मेरा मुख्य उद्देश्य आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करना होगा। यात्रा की शुरुआत नीस में कार्यक्रमों से होगी, विशेष रूप से ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम से, जिसमें राष्ट्रपति मैक्रों भी उपस्थित रहेंगे।
भारत और फ्रांस ‘भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष’ मना रहे हैं। ऐसे में ‘भारत इनोवेट्स’ एक जीवंत मंच होगा जो नवोन्मेषकों, स्टार्टअप्स और नवाचार जगत से जुड़े लोगों को एक साथ लाएगा। नीस में, मैं राष्ट्रपति मैक्रोन के साथ वार्ता भी करूंगा, जहां हम भारत-फ्रांस विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा करेंगे। ‘
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13-14 जून को फ्रांस के नीस शहर की आधिकारिक यात्रा करेंगे। इसके बाद वे 16-19 जून के दौरान एवियां और पेरिस जाएंगे। 14 जून को नीस में प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति मैक्रों के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे, जिसमें दोनों नेता भारत-फ्रांस संबंधों के सभी पहलुओं की व्यापक समीक्षा करेंगे।
कई मुद्दों पर होगी बात:
14 से 16 जून तक प्रधानमंत्री मोदी अपने स्लोवाकियाई समकक्ष रॉबर्ट फिको के निमंत्रण पर स्लोवाकिया की राजकीय यात्रा करेंगे। 1993 में स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह स्लोवाकिया की पहली यात्रा होगी। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और रॉबर्ट फिको के बीच वार्ता होगी और सहयोग के नए क्षेत्रों की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी। प्रधानमंत्री मोदी स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी से भी मुलाकात करेंगे।
एमईए ने कहा, ‘यह यात्रा व्यापार, निवेश, ऑटोमोबाइल और रेलवे विनिर्माण सहित विभिन्न क्षेत्रों में स्लोवाकिया के साथ भारत के द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करेगी।’
जी-7 सम्मेलन में होंगे शामिल:
अपनी यात्रा के तीसरे चरण में प्रधानमंत्री मोदी 16-17 जून को एवियां में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए फिर फ्रांस लौटेंगे।
सम्मेलन के दौरान वे जी-7 देशों के नेताओं के अलावा आमंत्रित साझेदार देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के नेताओं के साथ विभिन्न वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे। 18 जून को प्रधानमंत्री मोदी अपनी यात्रा के अंतिम चरण के लिए पेरिस जाएंगे, जहां वह कई द्विपक्षीय बैठकों में भाग लेंगे और यूरोप के सबसे बड़े प्रौद्योगिकी एवं स्टार्टअप कार्यक्रम विवाटेक शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे।
पेरिस में भारतीय समुदाय के सदस्यों को संबोधित करने की भी उनकी संभावना है। विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘प्रधानमंत्री की आगामी यूरोप यात्रा फ्रांस, स्लोवाकिया और जी-7 देशों के साथ भारत की साझेदारी को और गहरा करेगी। जी-7 में प्रधानमंत्री की उपस्थिति वैश्विक दक्षिण की एक प्रमुख आवाज और वैश्विक चुनौतियों के समाधान में एक महत्वपूर्ण भागीदार के रूप में भारत की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है।'(साभार एजेंसी)
