(नई दिल्ली)08अगस्त,2026
विभिन्न न्यायाधिकरणों के अध्यक्षों और सदस्यों के चयन के लिए एक आयोग गठित करने वाला विधेयक अगले सप्ताह लोकसभा में पेश किया जाएगा। यह कदम सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद उठाया जा रहा है। प्रस्तावित न्यायाधिकरण सुधार विधेयक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न न्यायाधिकरणों में अध्यक्षों और सदस्यों की नियुक्ति तथा उनकी योग्यता में दक्षता बढ़ाना, स्वतंत्रता सुनिश्चित करना, पारदर्शिता लाना और एकरूपता कायम करना है।
अगले सप्ताह लोकसभा में पेश किए जाने वाले इस विधेयक में राष्ट्रीय न्यायाधिकरण आयोग के गठन का भी प्रावधान किया गया है। राष्ट्रीय राजधानी में मुख्यालय वाले प्रस्तावित आयोग में एक अध्यक्ष और चार सदस्य होंगे।
कौन होंगे प्रस्तावित आयोग का अध्यक्ष बनने के पात्र?
प्रस्तावित आयोग का अध्यक्ष बनने के लिए सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश या किसी हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश पात्र होंगे। लोकसभा सदस्यों को वितरित किए गए विधेयक में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने हाल में न्यायाधिकरण सुधार अधिनियम, 2021 के कुछ प्रावधानों को रद्द कर दिया था।(साभार एजेंसी)
