मूसलाधार बारिश का अलर्ट! उत्तर से दक्षिण तक बिगड़ेगा मौसम

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(नई दिल्ली )14अक्टूबर,2026.

देश भर के मौसम में एक साथ कई मौसमी प्रणालियों के बेहद सक्रिय होने से बड़ा और उग्र बदलाव आने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा गुरुवार 15 अक्टूबर के लिए जारी किए गए मौसम बुलेटिन के मुताबिक 15 अक्टूबर को देश के उत्तरी मैदानी इलाकों से लेकर सुदूर दक्षिणी राज्यों तक मौसम का मिजाज काफी बिगड़ा रहेगा। मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, तमिलनाडु और केरल में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

इसके अलावा, उत्तर भारत के छह बड़े राज्यों में गर्जना के साथ ओलावृष्टि होने की गंभीर आशंका जताई गई है। उत्तर में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और दक्षिण में दस्तक दे रहे उत्तर-पूर्वी मानसून के एक साथ असर में आने से देश के बड़े हिस्से में मौसमी तबाही का खतरा बन रहा है।

उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी राज्यों में सक्रिय मौसमी सिस्टम अपने चरम पर रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक 15 अक्टूबर को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में अलग-अलग स्थानों पर तेज बादलों की गड़गड़ाहट के साथ ओलावृष्टि होने की भी पूरी संभावना है।

इन मैदानी और पहाड़ी राज्यों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की स्पीड से विनाशकारी तूफानी हवाएं चलेंगी। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी आकाशीय बिजली चमकने और बारिश का सिलसिला बना रहेगा।

दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्वी मानसून की दस्तक, तमिलनाडु और केरल में बहुत भारी बारिश

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में उत्तर-पूर्वी मानसून का औपचारिक आगमन हो चुका है। इसके चलते दक्षिणी राज्यों में मूसलाधार बारिश का दौर शुरू होने जा रहा है। मौसम विभाग ने 15 अक्टूबर को तमिलनाडु, पुडुचेरी एवं कराइकल और केरल एवं माहे के अलग अलग जिलों में भारी से बहुत भारी मूसलाधार बारिश होने की बड़ी चेतावनी जारी की है।

इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के कई हिस्सों में भारी बारिश होगी। आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल और तटीय इलाकों में 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलेंगी और आकाशीय बिजली कड़ेगी। आंध्र प्रदेश के मैदानी इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी, जबकि तेलंगाना और कर्नाटक के अंदरूनी हिस्सों में भी झोंकेदार हवाओं के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है।

मध्य और पूर्वी भारत का मौसम हाल

मध्य और पूर्वी भारत के राज्यों में भी चक्रवाती परिसंचरण का असर दिखाई देगा। छत्तीसगढ़, ओडिशा, विदर्भ और पश्चिमी मध्य प्रदेश के अलग अलग इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और बादलों की गर्जना के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान व्यक्त किया गया है। दूसरी ओर पश्चिम भारत के कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र के क्षेत्रों में आकाशीय बिजली चमकने के साथ छिटपुट बौछारें गिर सकती हैं।

तटीय इलाकों में उमस भरी गर्मी का अहसास

पश्चिम और दक्षिण भारत के कुछ तटीय इलाकों में नमी और तापमान के बने रहने से लोगों को चिपचिपी गर्मी परेशान करेगी। मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक तटीय कर्नाटक और कोंकण, गोवा के तटीय क्षेत्रों में मौसम काफी गर्म और उमस भरा बना रहेगा। हालांकि तटीय क्षेत्रों में तूफानी हवाओं के बावजूद समुद्र के भीतर स्थितियां फिलहाल नियंत्रण में हैं। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए समुद्र में न जाने संबंधी कोई चेतावनी जारी नहीं की है।

देश के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिलने वाला है। दक्षिण-पश्चिम मानसून अब देश के बाकी हिस्सों से भी पूरी तरह विदा होने की अंतिम प्रक्रिया में है। इसी के साथ देश के दक्षिणी प्रायद्वीप में पूर्वोत्तर मानसून की बारिश शुरू होने के लिए पूरी तरह अनुकूल परिस्थितियां बन रही है।(साभार एजेंसी)

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