(चंडीगढ़,पंजाब)23अक्टूबर,2026
पंजाब विधानसभा में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया गया है. वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सदन में यह प्रस्ताव रखा. इसके जरिए अब तक हुई SIR प्रक्रिया की जांच कराने और वोट काटने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई है. साथ ही चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और निष्पक्षता बनाए रखने की बात भी कही गई है.
प्रस्ताव में मांग की गई है कि SIR के तहत अब तक मतदाता सूची में हुए बदलावों की जांच कराई जाए. इसमें उन लोगों की जिम्मेदारी तय करने की मांग भी शामिल है, जिन पर बड़ी संख्या में लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाने का आरोप है. प्रस्ताव के जरिए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
लोकतंत्र बचाने के लिए SIR रद्द हो- भगवंत मान
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान SIR को लेकर बीजेपी और चुनाव आयोग पर निशाना साधा. उन्होंने दावा किया कि SIR के जरिए 13 करोड़ से ज्यादा लोगों के वोट काट दिए गए हैं. मान ने आरोप लगाया कि बीजेपी चुनाव आयोग के जरिए लोगों के वोट कटवाती है और अपने समर्थकों के वोट जुड़वाती है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि SIR लोकतंत्र के खिलाफ है. उनके मुताबिक, लोकतंत्र को बचाने के लिए इस प्रक्रिया को रद्द किया जाना चाहिए. उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उसका कामकाज साफ और निष्पक्ष नहीं है.
मंगलवार सुबह 11 बजे तक स्थगित हुई कार्यवाही
विधानसभा में इस प्रस्ताव को लेकर हुई चर्चा के बाद सदन की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई. प्रस्ताव के जरिए पंजाब सरकार ने SIR की प्रक्रिया की जांच, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और चुनाव आयोग की स्वतंत्रता बनाए रखने की मांग उठाई है।
