(वाराणसी,UP)03अगस्त,2025.
काशी में गंगा खतरे के निशान 71.26 को पार गई है। शनिवार रात 12 बजे गंगा का जलस्तर 71.31 मीटर पहुंच गया। 84 घाटों को डुबोने के बाद अब गंगा शहर में प्रवेश कर चुकी हैं। श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के गंगा द्वार से गंगा 14 सीढ़ी नीचे हैं।
दशाश्वमेध घाट की तीन सीढ़ियां बची हैं। शीतला घाट पर मंदिर पूरी तरह से पानी में समाहित हो चुका है और सिंधिया घाट पर रत्नेश्वर महादेव के मंदिर के शिखर का कुछ हिस्सा ही नजर आ रहा है। नमो घाट पर बने स्क्ल्पचर भी डूब गए हैं। लोग घरों में फंसे हैं। अस्सी घाट पर गंगा का पानी सड़क पर बह रहा है। जगन्नाथ मंदिर के गेट के पास पहुंच गया है।
इन इलाकों में बाढ़ पीड़ितों के लिए नक्खीघाट स्थित चित्रकूट कॉन्वेंट इंटर कॉलेज और दनियालपुर के नवोदय पब्लिक स्कूल में राहत शिविर बनाया गया है। शिविरों में 147 शरणार्थी शनिवार तक शरण ले चुके थे।
नक्खीघाट निवासी अनु देवी, जमाल अंसारी, सिमरन, हबीबा बीवी ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय दनियालपुर पास होने के बावजूद शिविर नहीं बना, जबकि राहत केंद्र उनके घरों से दूर हैं। लोग ऊंचे स्थानों पर निजी रूप से शरण लेने को विवश हैं।
मंडलायुक्त ने दिए शिविर बढ़ाने के निर्देश:
मंडलायुक्त एस राजलिंगम ने गंगा के उच्च स्तर तक पहुंचने की आशंका जताते हुए राहत शिविरों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। शनिवार को एसडीएम अमित कुमार ने पुराना पुल इलाके का निरीक्षण किया और एक लॉन को राहत केंद्र में बदलने के निर्देश दिए।
उधर, सलारपुर और पंचक्रोशी क्षेत्र में भी स्थिति गंभीर है। वहां बने राहत शिविरों में अब तक 79 परिवारों के 352 लोग शरण ले चुके हैं। तेजी से बढ़ रहे जलस्तर के कारण हर घंटे लोग बाढ़ राहत शिविर में शरण लेने पहुंचे रहे हैं। इस वजह से राहत शिविर में छोटे पड़ने लगे हैं।
बाढ़ में फंसने पर मिलाइए डायल-112
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल और जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने शनिवार को गंगा और वरुणा नदी के चढ़ते जलस्तर को देख बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों का निरीक्षण किया। सुरक्षा, राहत व बचाव कार्यों की तैयारियों को परखा। पुलिस आयुक्त ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चोरी व आपराधिक वारदात रोकने के लिए रात में नाव से विशेष बोट पेट्रोलिंग शुरू की गई है।
जर्जर भवनों में रह रहे नागरिकों से शिविरों में स्थानांतरित होने की अपील की गई है। महिला सुरक्षा को ध्यान में रख शिविरों में महिला पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।
चिरईगांव क्षेत्र के गांवों घुसा पानी
चिरईगांव क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। ढाब क्षेत्र समेत कई गांवों के लोग पानी से चारों तरफ से घिर गए हैं। छितौना, जाल्हुपुर, अंबा, पिछवारी, चांदपुर, मुस्तफाबाद और बभनपुरा गांवों की फसल बाढ़ के पानी में डूब चुकी है। ढाबवासियों के लिए शहर से संपर्क का एकमात्र रास्ता रामचंदीपुर-मुस्तफाबाद पुल बना हुआ है, लेकिन पुल से रेता बस्ती तक जाने वाला मार्ग करीब 100 मीटर तक बाढ़ के पानी में डूबा हुआ है।
छितौना अंबा मुख्य मार्ग पर भी पानी आने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। बस्ती के 13 परिवारों के 87 लोग अपने मवेशियों के साथ रायपुर प्राथमिक विद्यालय में शरण लेने को मजबूर हो गए हैं। उधर, राजातालाब के शाहंशाहपुर, सीहोरवा, जविखनी, जमुनीपुर, मरुई आदि इलाके में बड़े पैमाने पर की गई मिर्च की खेती भी बाढ़ से प्रभावित हो गई है।
तटवर्ती गांवों की सैकड़ों एकड़ फसल डूबी:
सरसौल, लूंठा, बर्थराकलां, मुरीदपुर, परनापुर, गौरा उपरवार चंद्रावती, रामपुर, भंदहां, कैथी के किसानों की सैकड़ों एकड़ सब्जी की फसल जलमग्न हो गई है। पानी अब घरों की चौखट पर हिचकोले मारने लगा है। मौनी बाबा आश्रम गौरा उपरवार, जैन धर्म के आठवें तीर्थंकर भगवान चंद्र प्रभु की जन्मस्थली के किनारे भी पानी पहुंच चुका है। पिपरी गांव चारों तरफ पानी में घिर गया है। रात में जागकर निगरानी हो रही है। बेला से धौरहरा मार्ग पर पानी आ चुका है। रोहनिया में बेटावर, मुड़ादेव, करसड़ा में गंगा का पानी बढ़ने से खेतों में फसल डूब गई। बेटावर गांव में जाने वाले सड़क पर पानी पहुंच गया है।
नगवां नाले से पानी पहुंचा रामेश्वर मठ के पीछे:
जलस्तर बढ़ने से नगवां नाले से पानी रामेश्वर मठ के पीछे से लेकर भागवत विद्यालय के समीप तक पहुंच गया है। गली के छह परिवारों को राहत शिविर में पहुंचाया गया है। कुछ लोग रखवाली के लिए रुके हैं। जलस्तर चढ़ने से नगवां हरिजन, सोनकर बस्ती में भी पानी प्रवेश कर जाएगा। निगम ने 3 नावें लगाई हैं।
संगमपुरी कॉलोनी के मुख्य मार्ग पर पहुंचा पानी:
संगमपुरी कॉलोनी के मुख्य मार्ग पर पानी आ गया है। महामृत्युंजय मंदिर के ऊपर तक पानी चढ़ गया है। कॉलोनी की तरफ पानी को निकालने के लिए सिंचाई विभाग ने छह मोटर पंप लगाए हैं। अपना घर आश्रम मदरवां सामनेघाट में निचले हिस्से तक पानी आने के कारण 114 लोगों को वहां से हटाया गया है।
विश्वसुंदरी पुल के नीचे पहुंचा पानी:
विश्वसुंदरी पुल के नीचे पानी आ गया है। रमना में पानी धीरे-धीरे घुसने लगा है। तटवर्ती इलाके में सब्जी की फसल पानी में डूबने लगी है। सामने घाट इलाके में रहने वाले लोग बाढ़ आने के डर से अपना-अपना सामान समेटने लगे हैं। राजस्व विभाग बाढ़ ग्रस्त इलाकों से प्रभावित लोगों को निकालने का बंदोबस्त कर रहा है।(साभार एजेंसी)
