सब्जियों की 15 लाख पौध हो रही तैयार,हो रहा इजरायली तकनीक का प्रयोग

UP / Uttarakhand

(आगरा, UP) 22अगस्त,2025.

सब्जियों की ऐसी पौध तैयार हो रही है, जिसमें न रोग लगेगा, न उस पर मौसम की मार पड़ेगी। इसके लिए उद्यान विभाग ने दो हाईटेक नर्सरी बनाई हैं। जहां पाॅलीहाउस नर्सरी में 15 लाख पौध इजरायली तकनीक पर तैयार करने का दावा किया जा रहा है। इन पॉलीहाउस नर्सरी में तैयार पौध को किसान खरीदकर अपने खेत में लगा सकेंगे। जिससे उनका उत्पादन बढ़ेगा।

सिंचाई के लिए पानी और खेती के लिए मिट्टी की कमी के कारण इजरायल में पॉलीहाउस, ड्रिप सिंचाई व वर्टिकल फार्मिंग जैसी तकनीक से फसलों की पौध तैयार की जा रही हैं। इसी तर्ज पर उद्यान विभाग ने दो पॉलीहाउस नर्सरी बनाई हैं। जहां कोकोपीट, वर्मीकुलाइट और परलाइट के मिश्रण में बिना मिट्टी के सब्जियों की पौध तैयार हो रही हैं।

जिले में फिलहाल डौकी और खेरागढ़ के गांव अटा में यह नर्सरी बनाई गई हैं। जिनमें अभी 15 लाख पौधे तैयार किए जा रहे हैं। हर मौसम में यहां लौकी, तुरई, करेला, बैंगन, टमाटर, शिमला मिर्च से लेकर अन्य सब्जी व फूलों की पौध अंकुरित की जाएगी। जिला उद्यान अधिकारी बैजनाथ ने बताया कि सब्जियों की पौध तैयार करने में किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान होता है। 30 से 40 प्रतिशत बीज अंकुरित नहीं हो पाता।

इस समस्या से निपटने के लिए दो हाईटेक नर्सरी बनाई गई हैं। जहां इजरायली तकनीक पर पौध उगाई जा रही हैं। इस पौध में न कोई रोग होगा। न मौसम की मार से प्रभावित होंगी। अच्छी गुणवत्ता की पौध से किसानों का उत्पादन बढ़ेगा। पहली बार इस तरह का प्रयोग आगरा में किया जा रहा है ।

कोकोपीट ट्रे में तैयार होगा बीज से पौधा:
हाईटेक नर्सरी में पौध कोकोपीट ट्रे में बीज से तैयार होगी। संतुलित मात्रा में प्राकृतिक खाद व अन्य मिश्रण के लिए मशीनों का इस्तेमाल होगा। इस तरह की पौध से अगेती खेती को बढ़ावा मिलेगा। 30 से 32 दिन में पौध तैयार कर किसानों को उपलब्ध कराई जाएगी। यदि किसान बीज उपलब्ध कराते हैं तो उन्हें 2 रुपये और यदि बीज उपलब्ध नहीं कराते हैं तो 3 रुपये प्रति पौध के हिसाब से उपलब्ध कराया जाएगा(साभार एजेंसी)

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