कार्यशाला:डिजिटल डिटॉक्स के लिए ध्यान जरूरी,मोबाइल की लत बढ़ा रहा तनाव-चिंता

UP / Uttarakhand

(वाराणसी,UP)24अगस्त,2025.

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यशाला के दाैरान आधुनिकता से जुड़े विभिन्न मसलों पर चर्चा हुई। इसमें मोबाइल और अन्य डिजिटल डिवाइस के भरोसे न रहने की भी अपील की गई।

बीएचयू के पंडित दीनदयाल उपाध्याय चेयर में कार्यशाला के दूसरे दिन मध्य प्रदेश हार्टफुलनेस के क्षेत्रीय संयोजक और चेयरमैन गजेंद्र सिंह गौतम ने छात्रों के साथ संवाद में कहा कि डिजिटल डिवाइस पर लोगों की बढ़ती निर्भरता ही तनाव और चिंता की सबसे बड़ी वजह है। नशा मुक्ति केवल नशीले पदार्थों से दूर रहने तक सीमित नहीं है। यह समय के साथ अपडेट भी हो रहा है। उन्होंने कहा कि ध्यान साधना से डिजिटल व्यसन को कम किया जा सकता है।

सामाजिक विज्ञान संकाय के सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ सोशल इंक्लूजन के सेमिनार हॉल में चेयर के समन्वयक प्रो. तेज प्रताप सिंह ने कहा कि आज ज्ञान के साथ ही भावनात्मक और आध्यात्मिक उन्नति भी जरूरी है। यहां पर ध्यान और जीवन कौशल पर डिजिटल डिटॉक्स, इमोशन कंट्रोल, बोलने-समझने की क्षमता, लीडरशिप, डिसीजन मेकिंग और नशा मुक्ति पर मंथन हुआ।

ओवर एक्साइटमेंट को कम करता है ध्यान:
भोपाल की ट्रेनर रुचि वर्धन मिश्रा ने कहा कि सच्चा नेतृत्व आत्म-जागरूकता, भावनात्मक बुद्धिमत्ता और दूसरों को प्रेरित करने की क्षमता से आता है। उन्होंने अच्छी नींद और ध्यान के माध्यम से तनाव को कम करने की सलाह दी। दूसरी ट्रेनर रेंसी सिंह ने बताया कि ध्यान व्यक्ति के ओवर एक्साइटमेंट को कम करता है। अंतर्ज्ञान को बेहतर कर विचारों में स्पष्टता लाता है। डॉ. गोरख पारुलकर ने कहा कि संवाद सिर्फ बोलने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सहानुभूति, स्पष्ट सोच और ध्यानपूर्वक सुनने की कला पर आधारित है।

बीएचयू के अधिकारियों ने इंडोनेशिया में पढ़ा रिसर्च पेपर
बीएचयू के लाइब्रेरी साइंस और सेंट्रल लाइब्रेरी के अधिकारियों ने इंडोनेशिया के अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में आधुनिक दुनिया की लाइब्रेरी के अनुसार युवाओं को तैयार करने की बात की। योग्याकार्टा शहर के यूआईएन सुनान कलिजगा में आयोजित पांच दिवसीय कार्यक्रम में उन्होंने नए युग के ग्रंथालय एवं सूचना विज्ञान के पेशेवरों की तैयारी संबंधित कई रिसर्च पेपर भी प्रस्तुत किए।

कॉन्फ्रेंस में पूरे विश्व से 17 देशों के 119 प्रतिभागियों ने इसमें हिस्सा लिया। लखनऊ के डॉ. अभय चौरसिया और डॉ. राजेश सिंह के शोध पत्र को उत्कृष्ट शोध पत्र अवॉर्ड भी मिला। बाबा साहब भीमराव आंबेडकर केंद्रीय विवि लखनऊ के प्रो. शरद सोनकर ने कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालयों में लाइब्रेरी साइंस के कोर्स को वरीयता दी जाए। इसमें राजेश कुमार मिश्रा,बीएचयू के डिप्टी लाइब्रेरियन डॉ. संजीव सराफ, डॉ. विवेकानंद जैन शामिल हुए।(साभार एजेंसी)

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