उ.प्र.में कम हो जाएंगे जिला पंचायत सदस्य के 40 पद,घटेंगे बीडीसी और वार्ड मेंबर भी

UP / Uttarakhand

( लखनऊ,UP)30अगस्त,2025.

उत्तर प्रदेश के पंचायत चुनाव में परिसीमन के बाद इस बार जिला पंचायत सदस्यों के 40 पद कम हो जाएंगे। नगरीय सीमाएं बढ़ने से यह प्रभाव पड़ने जा रहा है।

बीते पांच साल में नई नगर निकायों के गठन और सीमा विस्तार की वजह से इस बार त्रिस्तरीय पंचायत और क्षेत्र पंचायत सदस्यों की संख्या के साथ ग्राम पंचायतों में वार्डों की संख्या भी घट जाएंगे। चुनाव के लिए कराए जा रहे परिसीमन के बाद जहां जिला पंचायत सदस्यों के भी करीब 40 पद कम होने का अनुमान है। वहीं, क्षेत्र पंचायत सदस्यों (बीडीसी) के भी लगभग 1500 वार्ड कम हो जाएंगे। इसी तरह नए सिरे से हो रहे परिसीमन के बाद ग्राम पंचायतों के भी 4608 वार्ड घट जाएंगे।

बता दें कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए वार्डों के पुनर्गठन की रिपोर्ट जल्द तैयार कर शासन को भेजी जाएगी। अभी तक 47 जिलों ने ही वार्डों के पुनर्गठन की रिपोर्ट भेजी है। अभी जिला पंचायत के वार्डों की कुल संख्या 3050 है। 40 पद कम होने के बाद यह संख्या 3011 रह जाएगी। अभी तक बीडीसी के वार्डों की संख्या 75845 है। इसमें 1500 वार्ड होने पर इनकी संख्या भी 74345 हो जाएगी। जबकि ग्राम पंचायतों में 732643 वार्ड थे, जिसमें 4608 वार्ड घटने के बाद इनकी संख्या 728035 रह जाएगी।

पंचायतीराज निदेशक अमित सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन का कार्य पूरा हो चुका है और अब 57694 ग्राम पंचायतें हैं। पहले ग्राम पंचायतों की संख्या 58189 थी। अगले वर्ष 26 मई 2026 को ग्राम प्रधानों, 19 जुलाई 2026 को क्षेत्र पंचायत प्रमुखों व 11 जुलाई 2026 को जिला पंचायत अध्यक्षों का भी कार्यकाल खत्म हो रहा है।

28 जिलों से मांगी गई है रिपोर्ट:
निदेशक ने बताया कि 28 जिलों में भी वार्डों के पुनर्गठन की रिपोर्ट लगभग तैयार है। इन जिलों को जल्द से जल्द रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं। इन जिलों में रायबरेली, सीतापुर, सुल्तानपुर, बहराइच, महाराजगंज, कानपुर देहात, मऊ, पीलीभीत, आगरा, औरैया, बागपत, बलिया, भदोही, बदायूं, फिरोजाबाद, गाजियाबाद, झांसी, कासगंज, कौशांबी, कुशीनगर मिर्जापुर, मुरादाबाद, प्रतापगढ़, प्रयागराज, रामपुर, सहारनपुर, संत कबीर नगर व सोनभद्र शामिल हैं।

समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन जल्द
निदेशक ने बताया कि पंचायत चुनाव में आरक्षण तय करने के लिए समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन की प्रक्रिया भी जल्द होगी। इस संबंध में पंचायतीराज निदेशालय की ओर से शासन को पत्र भेजा गया है। ओबीसी आरक्षण के लिए यह आयोग ट्रिपल टेस्ट करेगा। उसके बाद आरक्षण तय किया जाएगा(साभार एजेंसी)

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