(काठमांडू,नेपाल)22अक्टूबर,2025.
नेपाल की अंतरिम सरकार ने भारत के साथ ‘आपसी कानूनी सहायता संधि’ को मंजूरी दे दी है। इस संधि का उद्देश्य दोनों देशों के बीच आपराधिक मामलों में सहयोग को मजबूत बनाना है। यह फैसला प्रधानमंत्री सुशीला कार्की की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री जगदीश खरेल ने बताया कि इस संधि के जरिए नेपाल न केवल भारत के साथ बल्कि अन्य देशों के साथ भी कानूनी मामलों में सहयोग बढ़ा सकेगा। प्रस्तावों को राजनयिक चैनलों के जरिए आगे भेजा जाएगा। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यह संधि ड्रग्स तस्करी, मानव तस्करी, नकली मुद्रा और अन्य सीमा पार अपराधों पर रोक लगाने में मदद करेगी। इसके अलावा अपराधियों के लिए भारत या नेपाल को सेफ जोन की तरह इस्तेमाल करना भी मुश्किल हो जाएगा।
11 नेपाली राजदूतों को वापस बुलाया गया
नेपाल सरकार ने इस बैठक में एक और अहम निर्णय लिया; 11 देशों में तैनात अपने राजदूतों को वापस बुलाने का। इन देशों में चीन, जर्मनी, इस्राइल, मलेशिया, कतर, रूस, सऊदी अरब, स्पेन, ब्रिटेन, अमेरिका और जापान शामिल हैं। राजदूतों को 6 नवंबर तक नेपाल लौटने के निर्देश दिए गए हैं। इस कदम को नेपाल की विदेश नीति में बड़े फेरबदल के संकेत के रूप में देखा जा रहा है
मधेश प्रांत में नई सरकार
नेपाल के मधेश प्रांत में जितेंद्र प्रसाद सोनल ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। वे लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी (एलएसपी) के नेता हैं। सोनल को 107 में से 56 प्रांतीय विधानसभा सदस्यों का समर्थन मिला। जनकपुरधाम में आयोजित समारोह में प्रांत की प्रमुख सुमित्रा सुभेदी भंडारी ने उन्हें शपथ दिलाई। सोनल की सरकार को जनता समाजवादी पार्टी नेपाल, जनमत पार्टी, सीपीएन (माओवादी सेंटर) और सीपीएन (यूनिफाइड सोशलिस्ट) का समर्थन हासिल हुआ है। संविधान के अनुच्छेद 168 (2) के तहत सरकार का गठन किया गया। दो अन्य नेताओं, जनमत पार्टी के महेश प्रसाद यादव और सीपीएन (यूनिफाइड सोशलिस्ट) के कनीश पटेल, ने भी मंत्री पद की शपथ ली। फिलहाल उन्हें कोई विभाग नहीं दिया गया है।(साभार एजेंसी)
