(लखनऊ,UP) 24नवंबर,2025.
मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों को अवैध घुसपैठियों पर त्वरित और सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था, राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक समरसता सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रत्येक जिला प्रशासन अपने क्षेत्र में रहने वाले अवैध घुसपैठियों की पहचान सुनिश्चित कर नियमानुसार कार्रवाई करे।
सीएम ने यह निर्देश भी दिया है कि घुसपैठियों को रखने के लिए प्रत्येक जिले में अस्थाई डिटेंशन सेंटर बनाए जाएं। इन केंद्रों में विदेशी नागरिकता वाले अवैध रूप से भारत आए लोगों को रखा जाएगा और आवश्यक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने तक वहीं ठहराया जाएगा। डिटेंशन सेंटर में रखे गए अवैध घुसपैठियों को तय प्रक्रिया के तहत उनके मूल देश भेजा जाएगा। बता दें कि महाराष्ट्र, असम और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में अवैध घुसपैठियों को वापस उनके देश भेजने की कार्रवाई की जा रही है।
महाराष्ट्र से अब तक एक हजार से अधिक घुसपैठियों को वापस भेजा जा चुका है। इसी तरह उत्तराखंड में भी 18 बांग्लादेशी घुसपैठियों को गिरफ्तार करने के बाद डिपोर्ट किया जा चुका है। वहीं दिल्ली में भी घुसपैठियों पर कार्रवाई जारी है। अब यूपी में बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी
बांग्लादेशी और रोहिंग्या हुए गिरफ्तार:
बता दें कि यूपी में बीते आठ साल के दौरान करीब 200 बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों को यूपी एटीएस द्वारा गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा जिलों की पुलिस भी कार्रवाई करती रहती है। बाद में इनको वापस भेजने की कवायद भी होती है, हालांकि न्यायिक प्रक्रिया पूरी करने में ज्यादा समय लग जाता है।
अधिकतर खुद को पश्चिम बंगाल और असम का निवासी बताते हैं। घुसपैठ करने के बाद वह भारतीय नागरिकता के दस्तावेज भी आसानी से हासिल कर लेते हैं। जिसकी वजह से पुलिस को उनके मूल पते से सत्यापन कराना पड़ता है। अब सीएम के निर्देश के बाद यह प्रक्रिया तेजी से पूरी करके उनको पश्चिम बंगाल और आसाम की सीमा से वापस भेजा जाएगा।
2019 के सर्वे में थे 10 लाख:
प्रदेश सरकार बीते आठ साल में तीन बार अवैध घुसपैठियों पर कार्रवाई करने का निर्देश दे चुकी है, लेकिन हर बार मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जात है। वर्ष 2019 में सीएम के निर्देश के बाद हुए सर्वे में प्रदेश में करीब 10 लाख बांग्लादेशी और तीन हजार रोहिंग्या घुसपैठिए होने का अनुमान लगाया गया था। केवल लखनऊ में ही करीब एक लाख बांग्लादेशी नागरिकों के होने के प्रमाण मिले थे। जांच में पता चला था कि स्थानीय नेता भी घुसपैठियों के भारतीय नागरिकता के प्रमाण पत्र बनवा देते हैं।(साभार एजेंसी)
