(लखनऊ,UP)27दिसंबर,2025.
शिक्षा, खेल व विज्ञान के मामले में यूं तो बाराबंकी जिले के नाम कई उपलब्धियां है, मगर भूसा–धूल पृथक्करण यंत्र बनाने वाली जिले की बेटी पूजा पाल को प्रधानमंत्री बाल पुरस्कार मिलने से गरीब व मजदूर तबके के साथ आधी आबादी के लिए मानो नया अध्याय लिख दिया गया हो। शुक्रवार को नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जब पूजा पाल को पीएम मोदी की मौजूदगी में सम्मानित कर रहीं थीं तो पूरा जिला निहाल हो उठा। खासकर बेटियां गदगद हो गईं। लोग टीवी, मोबाइल व सोशल मीडिया पर पूजा को सम्मानित होते देख रहे थे।
सिरौलीगौसपुर ब्लॉक के छोटे से गांव डलई का पुरवा के निवासी दिहाड़ी मजदूर पुत्ती लाल और गांव के प्राथमिक विद्यालय अगेहरा में 2000 रुपये मानदेय पर काम करने वाली रसोईयां सुनीला की पुत्री पूजा ने तीन साल पहले कक्षा में पढ़ते समय अपनी विपरीत परिस्थितियों में भूसा-धूल-पृथककरण यंत्र बनाया।
गाइड टीचर राजीव श्रीवास्तव का मार्गदर्शन में उनके इस मॉडल को इतनी ऊंचाईयां मिली कि ब्लॉक, जिला से प्रदेश व फिर राद्यट्रीय स्तर पर इंस्पायर आवर्ड योजना में पूजा का मॉडल चुना गया। पूजा पाल को यह सम्मान विज्ञान एवं नवाचार के क्षेत्र में असाधारण प्रतिभा और सामाजिक उपयोगिता से जुड़े पर्यावरण संरक्षण के लिए दिया गया है
तीन साल में पूजा की सातवीं छलांग
वर्ष 2022-23 में पूजा ने गांव के सरकारी स्कूल में शिक्षक राजीव श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में मॉडल तैयार किया।
इसके बाद राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश से चुने गए 10 प्रतिभागियों में पूजा ने स्थान बनाया।
अक्टूबर 2023 में इंस्पायर अवार्ड मानक की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पूजा का मॉडल चयनित हुआ।
जनवरी 2024 में पूजा को ने राष्ट्रीय विज्ञान मेले में देश के 100 चयनित बच्चों के साथ माडल प्रस्तुत किया।
14 जून 2025 को भारत सरकार ने पूजा को भ्रमण पर जापान भेजा।
18 सितंबर को पूजा की कहानी प्रधानमंत्री मोदी की डॉक्यूमेंट्री में शामिल हुई।
26 दिसंबर को नई दिल्ली में राष्ट्रपति के हाथों पीएम बाल पुरस्कार मिला(साभार एजेंसी)
