आम आदमी के लिए अपना घर बनाना हुआ आसान

UP / Uttarakhand

(लखनऊ,UP)31दिसंबर,2025.

एलडीए और आवास विकास की नई कॉलोनियों में अब घर बनाना सस्ता होगा क्योंकि इनकी कालोनियों में जमीन की कीमत 25 प्रतिशत तक कम होगी। इसको लेकर शासन की ओर से नई गणना नीति जारी की गई है। जिसमें कई तरह के अतिरिक्त चार्ज अब हटाए जाएंगे। जिसका फायदा आने वाली नई आवासीय योजनाओं में करीब 10 लाख लोगों को मिलेगा।

नई गणना नीति से अब पुरानी योजनाओं भी उन संपत्तियों की कीमत करीब 25 प्रतिशत तक कम हो जाएगी जो कई वर्षों से बिक नहीं रहीं थी। इसके लिए पहले संपत्तियों को निष्प्रयोज्य ( सेल ) घोषित किया जाएगा उसके बाद उसके रेट कम किए जाएंगे। जो नई योजनाओं आ रही हैं उनमें कई तरह का जो अतिरिक्त शुल्क लिया जाता था उसको कम किया जाएगा।

उसमें पार्क फेसिंग भूखंड पर लगने वाले अतिरिक्त शुल्क को कम करके 10 की बजाए 05 प्रतिशत कर दिया गया है। सेंटेज को भी 20 से घटाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है। अन्य मदों में लगने वाले शुल्क में भी 10 से 15 प्रतिशत तक कम कमी आएगी। इससे जमीन की कीमतों में करीब 25 प्रतिशत तक कम हो जाएंगी। जिससे एलडीए की आने वाली आईटी सिटी, वेलनेस सिटी, वरुण विहार, नैमिष नगर और आवास विकास परिषद की अनंत नगर सहित अन्य जिलों गोरखपुर, प्रतापगढ़, मऊ, चित्रकूट में आने वाली आवासीय योजनाओं में भी मिलेगा।

यह अतिरिक्त चार्ज भी हुआ कम
आवास विकास परिषद के सचिव नीरज शुक्ला ने बताया कि अभी तक 26 वर्ष पुराने शासनादेशों के आधार पर ही संपत्तियों का मूल्यांकन तय किया जा रहा था, जिसमें 12 से 15 प्रतिशत तक ब्याज दर, 15 प्रतिशत कंटीजेंसी चार्ज और 10 से 15 प्रतिशत ओवरहेड चार्ज शामिल थे। इससे संपत्तियों के दाम बढ़ने की वजह से खरीदार नहीं मिल रहे थे। अब नई गणना नीति शासन से जारी की गई है। जिसमें कार्नर, पार्क फेसिंग या 18 मीटर अथवा उससे अधिक चौड़ी सड़क पर स्थित संपत्तियों पर लगने वाले अतिरिक्त चार्ज भी घटा दिए गए हैं। अब प्रत्येक के लिए पांच प्रतिशत और तीनों सुविधाओं के होने पर 20 प्रतिशत के बजाय 12 प्रतिशत अतिरिक्त चार्ज ही लिया जाएगा। संपत्तियों के पूर्ण भुगतान पर छूट का प्रावधान भी किया गया है। इसके अनुसार 45 दिन में एकमुश्त भुगतान पर छह प्रतिशत, 60 दिन में भुगतान पर पांच प्रतिशत और 90 दिन में भुगतान पर चार प्रतिशत की छूट मिलेगी।

इस तरह कम होंगी पुरानी संपत्तियों की कीमत
नई गणना नीति के अनुसार जो संपत्तियां तीन वर्ष पुरानी हैं और पांच बार विज्ञापन निकालने के बाद भी नहीं बिक पा रही हैं उन्हें सेल जरिए से बेचने पर 25 प्रतिशत तक की छूट दी जा सकेगी। इसे इस तरह समझा जा सकता है यदि कोई संपत्ति 50 लाख रुपये की थी और बिक्री न होने के कारण यह बढ़कर 55 लाख रुपये हो गई है तो बढ़ी हुई राशि यानी अतिरिक्त पांच लाख रुपये पर 25 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी।

नई योजना से सस्ते होंगे फ्लैट-मकान
नई गणना नीति लागू होने से जमीन, मकान और फ्लैट के दाम नई योजनाओं में कम होंगे। पुरानी योजनाओं में जो संपत्तियां नहीं बिक रही हैं उनकी कीमतें भी नई नीति के तहत कम हो जाएंगे। ऐसे में लोगों का घर बनाना आसान होगा।- बलकार सिंह, आवास आयुक्त व सचिव आवास विभाग(साभार एजेंसी)

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