(लखनऊ,UP)24जनवरी,2026.
पिछले एक दशक में उत्तर प्रदेश के राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क में तेज़ी से विस्तार हुआ है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, राज्य में राष्ट्रीय राजमार्गों की कुल लंबाई 34 प्रतिशत बढ़कर 10,700 किलोमीटर से अधिक हो गई है। यह उपलब्धि हर साल 24 जनवरी को मनाए जाने वाले उत्तर प्रदेश दिवस पर दर्ज की गई।
2014 के बाद हाईवे विकास को मिली रफ्तार
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2014 के बाद से उत्तर प्रदेश में 2.16 लाख करोड़ रुपये के राष्ट्रीय राजमार्ग प्रोजेक्ट स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 1.32 लाख करोड़ रुपये की राशि अब तक खर्च की जा चुकी है, जो राज्य में चल रहे बड़े पैमाने के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को दर्शाता है।
कितने प्रोजेक्ट, कौन कर रहा है काम?
उत्तर प्रदेश में कुल 262 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिनकी कुल लंबाई 8,211 किमी है।
इनमें से 106 परियोजनाएं (4,769 किमी) राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा संचालित की जा रही हैं, जिनकी अनुमानित लागत 1.51 लाख करोड़ रुपये है।
शेष 156 परियोजनाएं (3,442 किमी) राज्य लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा क्रियान्वित की जा रही हैं, जिन पर 64,091 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
2014 से अब तक कितना बढ़ा नेटवर्क?
वर्ष 2014 में उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों की कुल लंबाई 7,986 किमी थी। इसके बाद से अब तक 2,732 किमी नए राष्ट्रीय राजमार्ग अधिसूचित किए जा चुके हैं।
2025 तक राज्य में राष्ट्रीय राजमार्गों की कुल लंबाई 10,718 किमी हो गई है, जिनमें:
6,479 किमी NHAI के अधीन
4,239 किमी राज्य PWD के अधीन हैं।
निर्माण कार्य अब भी तेजी पर
फिलहाल राज्य में 114 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं, जिनकी कुल लंबाई 4,311 किमी है और अनुमानित निवेश 1.03 लाख करोड़ रुपये है।
NHAI द्वारा 64 परियोजनाएं (3,181 किमी) पर काम हो रहा है।
PWD 50 परियोजनाओं (1,130 किमी) का निर्माण कर रहा है।
हाल के वर्षों में कितने प्रोजेक्ट पूरे हुए?
वर्ष 2019 के बाद से अब तक 106 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं पूरी की जा चुकी हैं।
कुल लंबाई: 4,145 किमी
कुल लागत: 81,072 करोड़ रुपये
इनमें NHAI ने 43 प्रोजेक्ट और PWD ने 63 प्रोजेक्ट पूरे किए हैं।
मौजूदा वित्त वर्ष के लक्ष्य:
वित्त वर्ष 2025-26 के लिए उत्तर प्रदेश ने:
850 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं अवार्ड करने
और 646 किमी सड़क निर्माण पूरा करने का लक्ष्य तय किया है।
नवंबर 2025 तक 110 किमी के प्रोजेक्ट अवार्ड किए जा चुके हैं, जबकि 286 किमी निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
CRIF और सेतु बंधन योजना से मिला सहारा:
केंद्रीय सड़क अवसंरचना निधि (CRIF) के तहत उत्तर प्रदेश को अब तक 11,680 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है।
इसके अलावा सेतु बंधन कार्यक्रम के तहत 14 रोड ओवरब्रिज को मंजूरी दी गई है। पिछले तीन वर्षों में CRIF के तहत 34 परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं।
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की ओर बढ़ता यूपी:
उत्तर प्रदेश अब ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे और एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर का भी बड़ा केंद्र बन रहा है।
करीब 267 किमी लंबाई की परियोजनाएं विभिन्न चरणों में हैं, जिनमें लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे, कानपुर रिंग रोड, वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेसवे और प्रयागराज बाइपास शामिल हैं।
आर्थिक विकास की रीढ़ बनता हाईवे नेटवर्क:
राज्य सरकार के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्गों का यह विस्तार आर्थिक विकास, बेहतर कनेक्टिविटी और माल व लोगों की तेज़ आवाजाही के लिए बेहद अहम साबित हो रहा है। उत्तर प्रदेश दिवस के मौके पर यह उपलब्धि राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है।(साभार एजेंसी)
