(लखनऊ,UP)6फरवरी,2026
माध्यमिक शिक्षा विभाग के बाद उत्तर प्रदेश शासन ने बेसिक शिक्षा विभाग के 12 लाख शिक्षकों व उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ दिए जाने का शासनादेश बुधवार को जारी कर दिया। जानकारी के अनुसार इस पर आने वाले व्ययभार के लिए आगामी बजट में आवश्यक प्रावधान भी किया जाएगा।
योजना के तहत बेसिक शिक्षा परिषद के मान्यता प्राप्त विद्यालयों (अनुदानित व स्ववित्तपोषित) में कार्यरत शिक्षकों, शिक्षामित्र, विशेष शिक्षक, अनुदेशक, केजीबीवी की वार्डेन, पूर्ण कालिक व अंशकालिक शिक्षकों, प्रधानमंत्री पोषण योजना के रसोइयों के आश्रितों परिवार के सदस्यों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा दी जाएगी।
बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि कैशलेस चिकित्सा सुविधा के लिए प्रति कार्मिक 3000 रुपये वार्षिक प्रीमियम अनुमानित है। इसमें पात्र व कार्यरत शिक्षकों व कार्मिकों के ही प्रीमियम का भुगतान किया जाएगा। योजना के क्रियान्वयन के लिए बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा वास्तविक व्ययभार के अनुसार कार्यवाही की जाएगी।
योजना का क्रियान्वयन साचीज के माध्यम से कराया जाएगा। लाभार्थियों व उनके परिवार का पूरा विवरण, बेसिक शिक्षा विभाग के नामित नोडल अधिकारी हर साल 30 जून तक सीईओ साचीज को उपलब्ध कराएंगे। चूंकि वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों का कोई अधिकृत डाटा विभाग के पास उपलब्ध नहीं है। इसलिए इनके चिह्नांकन के लिए अलग से आदेश जारी किया जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया है कि जो लोग पहले से केंद्र या राज्य सरकार द्वारा वित्तपोषित किसी अन्य स्वास्थ्य योजना से आच्छादित हैं। उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। उन्होंने महानिदेशक स्कूल शिक्षा को योजना के क्रियान्वयन के लिए समय से आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।
सरकार देगी किश्त
शिक्षकों में इस बात का भ्रम है कि इस योजना का लाभ लेने के लिए तीन हजार प्रतिवर्ष उनके वेतन से कटेगा। मीडिया से बातचीत में शासन ने इसे स्पष्ट किया कि कैशलेस चिकित्सा में किश्त का यह पैसा शासन के द्वारा ही दिया जाएगा। यह योजना शिक्षकों के लिए पूरी तरह से फ्री रहेगी।(साभार एजेंसी)
