(लखनऊ,UP)7अप्रैल,2026.
उत्तर प्रदेश के 20 शहरों की 172 सड़कों को ट्रैफिक जाम से मुक्त कराने के लिए पुलिस विभाग ने सिटी रिड्यूसिंग ट्रैफिक कंजेशन स्कीम (सी-आरटीसी) लागू की है। डीजीपी राजीव कृष्ण ने मंगलवार को इसकी औपचारिक शुरुआत की। योजना के तहत प्रवर्तन, इंजीनियरिंग एवं तकनीकी हस्तक्षेप, अतिक्रमण हटाने, ई-रिक्शा संचालन को दुरुस्त करने की कवायद भी की जाएगी। एक महीने बाद इस योजना की समीक्षा की जाएगी।
डीजीपी ने कहा कि उन्होंने कहा कि जनता को सुगम, निर्बाध एवं सुव्यवस्थित यातायात उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का निर्देश है कि शहरी क्षेत्रों में यातायात की बाधाओं को दूर कर आम जनमानस की दैनिक आवाजाही को सरल एवं समयबद्ध बनाया जाए। इसके लिए यातायात निदेशालय ने 20 शहरों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सुगम यातायात योजना लागू की है। शहरी क्षेत्रों में ट्रैफिक जाम गंभीर चुनौती है। इससे ईंधन की अधिक खपत के साथ वायु प्रदूषण भी बढ़ता है।
जाम के कारण आकस्मिक सेवायें जैसे एंबुलेंस, फायर टेंडर आदि के फंसने से जनहानि की संभावना रहती है। मुख्यालय स्तर पर इसके निदान के लिए एक तकनीक आधारित कार्ययोजना तैयार की गयी है। प्रथम चरण में सभी 7 कमिश्नरेट व विभिन्न परिक्षेत्र के कुल 13 जिलों में इसे लागू किया जा रहा है। चिन्हित मार्गों पर सुगम यातायात के लिए एक मार्ग प्रभारी (रूट मार्शल) तैनात किया जाएगा, जो योजना को धरातल पर लागू करने के लिए जिम्मेदार होगा। रूट मार्शल यातायात निरीक्षक-उप निरीक्षक में सबसे योग्य एवं दक्ष कर्मियों में से होगा। इनकी नियुक्ति राजपत्रित नोडल अधिकारी, यातायात के प्रस्ताव पर जिला पुलिस प्रमुख द्वारा की जाएगी। रूट मार्शल का लक्ष्य चिन्हित मार्ग पर पीक आवर्स में यात्रा का समय कम करना होगा। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए जिस थाना क्षेत्र से चिन्हित मार्ग गुजर रहा है उसके थाना प्रभारी की भी संयुक्त जिम्मेदारी होगी और वह रूट मार्शल को सहयोग करेगा। इसके अलावा जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।
एआई आधारित तकनीक:
डीजीपी ने बताया कि यह एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीक है, जो रियल टाइम में चिन्हित मार्गों पर जाम के बिंदुओं को मैप पर प्रदर्शित करेगी। नोडल अधिकारी अपने स्मार्ट फोन के माध्यम से अपने क्षेत्र के चिन्हित मार्गों की वर्तमान स्थिति जान सकेंगे। उन्हें अधिकतम यात्रा समय को 20 प्रतिशत कम करने का लक्ष्य दिया गया है।
इन शहरों के चिन्हित मार्गों की संख्या:
आगरा 8
आजमगढ़ 9
अलीगढ़ 6
अयोध्या 10
बांदा 6
बरेली 6
गौतमबुद्धनगर 12
गाजियाबाद 8
गोरखपुर 10
गोंडा 4
झांसी 6
कानपुर 14
लखनऊ 12
मथुरा 10
मेरठ 10
मिर्जापुर 8
मुरादाबाद 8
प्रयागराज 10
सहारनपुर 5
वाराणसी 10
लखनऊ के 12 मार्ग चिन्हित-
- जुनाबगंज से चारबाग
- अयोध्या रोड पर इंदिरा नहर से चारबाग
- बक्शी का तालाब से पॉलीटेक्निक
- मड़ियांव से हजरतगंज
- बाजनगर से टीले वाली मस्जिद
- कबीरपुर से मॉल एवेन्यू
- ट्रांसपोर्टनगर से कमता
- अवध चौराहा से दुबग्गा
- कल्ली पश्चिम से लालकुर्ती
- मॉल एवेन्यू से चिनहट
- सीआरपीएफ बिजनौर से बंगलाबाजार
- कपूरथला से चारबाग(साभार एजेंसी)
