(जयपुर,राजस्थान)22मई,2026.
राजस्थान राज्य में लंबे समय से लंबित पंचायत और शहरी निकाय चुनावों को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है. कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा की खंडपीठ ने 11 मई को सभी पक्षों की बहस सुनने के बाद सुरक्षित रखा गया फैसला आज सुना दिया है. कोर्ट ने राज्य सरकार को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में हर हाल में 31 जुलाई तक पंचायत और निकाय चुनाव संपन्न कराए जाएं.
चुनाव टलने के पीछे सबसे बड़ा कारण अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) सीटों का वर्गीकरण था. इस पर संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने OBC आयोग के लिए भी सख्त समय सीमा तय की है. कोर्ट ने निर्देश दिया है कि OBC आयोग को अपनी सर्वेक्षण रिपोर्ट 20 जून से पहले राज्य सरकार को सौंपनी होगी, ताकि उसी के आधार पर सीटों का वर्गीकरण कर चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके.
सरकार और चुनाव आयोग ने मांगी थी मोहलत
बता दें कि राज्य सरकार की ओर से हाईकोर्ट में एक प्रार्थना पत्र दाखिल कर चुनाव कराने की समय सीमा को आगे बढ़ाने की गुहार लगाई गई थी. राज्य सरकार की इस याचिका का राज्य चुनाव आयोग ने भी समर्थन किया था.
सरकार ने कोर्ट में दलील दी थी कि बिना OBC आयोग की रिपोर्ट आए चुनाव कराना वैधानिक और व्यावहारिक रूप से ठीक नहीं होगा. रिपोर्ट आने के बाद ही OBC सीटों का सही वर्गीकरण (Classification) हो सकेगा. इन्हीं परिस्थितियों का हवाला देते हुए सरकार ने कोर्ट से अतिरिक्त समय की मांग की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया और 31 जुलाई तक का समय दे दिया है.
पहले 15 अप्रैल तक चुनाव कराने के थे निर्देश:
गौरतलब है कि राजस्थान हाईकोर्ट ने 14 नवंबर 2025 को 439 याचिकाओं पर एक साथ फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार को सख्त निर्देश दिए थे कि प्रदेश में 15 अप्रैल 2026 तक पंचायत और निकाय चुनाव हर हाल में करा लिए जाएं.
हालांकि, तय समय सीमा करीब आने तक OBC आयोग की रिपोर्ट तैयार न होने और अन्य प्रशासनिक कारणों के चलते सरकार चुनाव कराने में असमर्थ रही. इसके बाद सरकार ने कोर्ट का रुख कर चुनाव टालने का प्रार्थना पत्र लगाया था, जिस पर कोर्ट ने अब यह नया आदेश पारित किया है. इस फैसले के बाद प्रदेश में चुनावी सरगर्मियां एक बार फिर तेज होने की पूरी संभावना है(साभार एजेंसी)
