आंधी-बारिश की चेतावनी,33 जिलों में येलो अलर्ट

Uttar Pradesh

(लखनऊ,UP)12जून,2026.

उत्तर प्रदेश में पिछले तीन से चार दिनों से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। तेज गर्मी और लू से परेशान लोगों को राहत मिली है। कई जिलों में बादल छाने, तेज हवाएं चलने और हल्की से मध्यम बारिश होने के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।

हालांकि, भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार यह राहत ज्यादा दिनों तक नहीं रहने वाली है। 13 जून तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश, गरज-चमक, तेज हवाओं और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि का दौर जारी रह सकता है। वहीं, 14 जून से तापमान में फिर बढ़ोतरी होने की संभावना है।

पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण का असर:
मौसम विभाग के अनुसार, हरियाणा और दक्षिणी-पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर बने दो चक्रवाती परिसंचरणों तथा दक्षिणी पंजाब से दक्षिणी बांग्लादेश तक फैली मौसमी द्रोणी (ट्रफ लाइन) के प्रभाव से प्रदेश में मौसम सक्रिय बना हुआ है। इसके साथ ही पश्चिमी विक्षोभ के कारण निचले स्तर पर आने वाली नमीयुक्त पूर्वी हवाएं मौसम को और अधिक प्रभावी बना रही हैं। इसी वजह से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में 13 जून तक बारिश और तेज हवाओं की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है।

13 जून को कैसा रहेगा मौसम?:
आईएमडी के मुताबिक, 13 जून को पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इस दौरान वज्रपात के साथ तेज हवाएं भी चल सकती हैं। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है, जबकि झोंकों के साथ इसकी गति 80 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की आशंका है।

कानपुर में ऑरेंज अलर्ट, 33 जिलों में येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इनमें शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, हापुड़, प्रयागराज, अमेठी, सोनभद्र समेत कुल 33 जिले शामिल हैं। इन जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। वहीं, कानपुर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां मौसम अपेक्षाकृत अधिक सक्रिय रहने की संभावना है और तेज हवाओं के साथ बारिश का असर अधिक देखने को मिल सकता है।

पश्चिमी यूपी में तेज हवाओं का असर:
नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बरेली, बिजनौर, मुरादाबाद और आसपास के जिलों में तेज आंधी चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों से कमजोर ढांचों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है।

मध्य यूपी में बारिश के आसार:
लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, रायबरेली, अमेठी, अयोध्या और आसपास के क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक हो सकती है। इससे तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज होने की संभावना है।

पूर्वांचल में भी बदलेगा मौसम:
गोरखपुर, वाराणसी, बलिया, गाजीपुर, मऊ, आजमगढ़, देवरिया, कुशीनगर और बस्ती सहित पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बादल छाने और कहीं-कहीं बारिश होने का अनुमान है।

इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट:
मौसम विभाग ने मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली और पीलीभीत में भारी बारिश की संभावना जताई है।

ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान का खतरा:
प्रदेश के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि की भी चेतावनी जारी की गई है। इससे धान की नर्सरी, गन्ना, मक्का, मूंग, मूंगफली, सूरजमुखी और सब्जी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। इसके अलावा आम, केला और पपीता जैसी बागवानी फसलें भी प्रभावित हो सकती हैं।

किसानों के लिए मौसम विभाग की सलाह:
मौसम विभाग और कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। किसानों को चाहिए कि वे खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करें। धान की नर्सरी की मेड़ों को मजबूत बनाएं। तेज हवा और बारिश के दौरान कीटनाशकों का छिड़काव न करें। बेल वाली सब्जियों और कमजोर पौधों को सहारा दें। आम, केला और पपीता के पौधों को मजबूती से बांधें। पशुओं को खुले स्थानों के बजाय सुरक्षित जगहों पर रखें।

14 जून से फिर बढ़ सकती है गर्मी:
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 13 जून के बाद पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव कमजोर पड़ सकता है। इसके चलते 14 जून से प्रदेश में तापमान फिर से बढ़ने लगेगा। कई इलाकों में गर्मी और उमस का असर लौट सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, बारिश की गतिविधियां कम होने के बाद अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी संभव है।

यूपी में मानसून कब पहुंचेगा?
दक्षिण-पश्चिम मानसून अभी उत्तर प्रदेश से दूर है। मानसून 4 जून को केरल पहुंचा था और इसके बाद केरल, कर्नाटक, गोवा, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के अधिकांश हिस्सों को कवर कर चुका है। हालांकि, उत्तर प्रदेश में मानसून की आधिकारिक एंट्री अभी नहीं हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो पूर्वी उत्तर प्रदेश में जून के तीसरे सप्ताह तक मानसून पहुंच सकता है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इसके कुछ दिन बाद दस्तक देने की संभावना है(साभार एजेंसी)

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