(बरेली,UP)20जून,2026
बरेली में बीडीए ने प्रस्तावित औद्योगिक टाउनशिप को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने की तैयारी की है। बीडीए उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय ने इसके लिए अधिकारियों को मानचित्र में जरूरी संशोधन करने और सभी संभावनाओं का तकनीकी परीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। इस एक्सप्रेसवे से जुड़ाव का फायदा यह होगा कि बरेली की दिल्ली-एनसीआर और राज्य के अन्य प्रमुख आर्थिक केंद्रों से कनेक्टिविटी बेहतर हो जाएगी। इससे माल ढुलाई में समय और लागत दोनों की बचत होगी। इससे देश-विदेश के बड़े निवेशकों और भारी उद्योगों को आकर्षित किया जा सकेगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे।
बीडीए उपाध्यक्ष ने रामगंगानगर और ग्रेटर बरेली आवासीय परियोजनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने विकास कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी जताई। उन्होंने ठेकेदारों से नाराजगी जताते हुए परियोजनाओं को समय पर पूरा कराने की हिदायत दी। कार्य की दैनिक प्रगति से अवगत कराने के लिए कहा है। बीडीए उपाध्यक्ष ने निरीक्षण के दौरान इंडस्ट्रियल टाउनशिप के लिए भूमि अर्जन प्रक्रिया में आ रही अड़चनों को दूर करने के निर्देश दिए। बीसलपुर रोड पर निर्माणाधीन नाले और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निरीक्षण कर जल निकासी व्यवस्था को समय पर दुरुस्त करने के लिए कहा। एसटीपी के ट्रीटेड पानी का उपयोग सिंचाई के लिए करने की सलाह दी।
रुद्रावनम पार्क भव्य बनाने के निर्देश:
ग्रेटर बरेली आवासीय योजना में बन रहे ओवरहेड टैंक और साइंस पार्क व बॉक्स विलेज परियोजना की सुस्ती पर उपाध्यक्ष ने नाराजगी जताई। रुद्रावनम पार्क को अधिक भव्य और आकर्षक बनाने की हिदायत दी। महादेवपुरम आवासीय योजना, मुख्यमंत्री कंपोजिट स्कूल और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने आवासों का जायजा लेते हुए उन्होंने पात्र लाभार्थियों को कब्जा सौंपने और आवासीय परिसरों को अधिक सुविधाजनक व सुंदर बनाने के निर्देश दिए।
वैदिक लाइब्रेरी सितंबर तक शुरू होने की उम्मीद
बीडीए की रामगंगानगर आवासीय योजना में 26 करोड़ रुपये की लागत से 5578 वर्गमीटर भूमि पर अत्याधुनिक वैदिक लाइब्रेरी का निर्माण कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट्स में शामिल इस परियोजना का 70% निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। सितंबर तक इसके पूर्ण होने की उम्मीद है।
बीडीए के सहायक अभियंता संदीप कुमार के मुताबिक, यह लाइब्रेरी महज किताबों का संग्रह नहीं, बल्कि आधुनिक और प्राचीन ज्ञान का संगम होगी। इसमें एक साथ सैकड़ों छात्र अध्ययन कर सकेंगे। इसके बेसमेंट में पर्याप्त पार्किंग के साथ सेल्फ स्टडी जोन, जनरल रीडिंग एरिया और एक आधुनिक कैफेटेरिया विकसित किया जा रहा है, जबकि प्रथम तल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को समर्पित होगा।
दूसरे तल पर हाईटेक कंप्यूटर रूम, ऑडियो-विजुअल कक्ष और भव्य सेमिनार हॉल बनाए जा रहे हैं। यह मंडल में डिजिटल लर्निंग और सांस्कृतिक अध्ययन का एक बड़ा वैश्विक केंद्र बनकर उभरेगा। सबसे बड़ा आकर्षण इसका वैदिक केंद्र होगा। यहां युवा प्राचीन वैदिक ग्रंथों, उपनिषदों और पांडु लिपियों का अध्ययन कर सकेंगे।(साभार एजेंसी)
