(चंडीगढ़,पंजाब)24जून,2026
पंजाब में कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसरों और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारियों की हड़ताल बुधवार को भी जारी रही। अपनी लंबित मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे कर्मचारियों ने मोगा सिविल सर्जन दफ्तर के बाहर पंजाब सरकार के ख़िलाफ़ किया रोष प्रदर्शन किया। इस मौके पर कर्मचारी नेताओं ने बताया कि पिछले कई वर्षों से वे अपनी मांगों को लेकर सरकार और विभागीय अधिकारियों से लगातार बातचीत कर रहे हैं तथा कई बार मांग पत्र भी सौंप चुके हैं, लेकिन अब तक किसी भी मांग का ठोस समाधान नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि 22 जून से शुरू हुई हड़ताल के बावजूद सरकार की ओर से कोई सार्थक पहल नहीं की गई है।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में समान कार्य के लिए समान वेतन लागू करना, लॉयल्टी बोनस की बहाली, नए इंसेंटिव परफॉर्मा को वापस लेना, CHO पदों और कैडर को मंजूरी देना, वेतन और इंसेंटिव को मर्ज करना तथा BAMS योग्यता वाले CHO को NPA और दुर्गम क्षेत्र भत्ता देना शामिल है। हड़ताल के कारण पंजाब भर के आयुष्मान आरोग्य केंद्रों, एनसीडी स्क्रीनिंग, टीबी कार्यक्रम और ओपीडी सेवाओं पर असर पड़ रहा है।
कर्मचारी नेताओं का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं में आ रही किसी भी बाधा की जिम्मेदारी पंजाब सरकार की होगी। इस बीच यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो 2 जुलाई को संगरूर स्थित मुख्यमंत्री आवास के बाहर राज्य स्तरीय विशाल धरना आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रदेश भर से हजारों कर्मचारी शामिल होंगे।(साभार एजेंसी)
