(नई दिल्ली)28जून,2026
ग्रामीण महिलाएं बीमा सखी बनकर आर्थिक मोर्चे पर मजबूत बन सकती हैं। एलआईसी ने ग्रामीण विकास विभाग के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत ‘बीमा सखी’ योजना को देश भर में बढ़ावा दिया जा रहा है।
मिलेगी तीन साल की ट्रेनिंग और वजीफा:
जानकारी के अनुसार, इस योजना के तहत चुनी गई महिलाओं को सीधे काम पर लगाने के बजाय उन्हें तीन साल का विस्तृत प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस ट्रेनिंग के दौरान महिलाओं को वित्तीय बोझ न पड़े, इसके लिए मासिक आधार पर वजीफा (स्टाइपेंड) देने का भी प्रावधान किया गया है। योजना के नियमों के मुताबिक, प्रशिक्षण के पहले साल महिलाओं को हर महीने 7,000 रुपये दिए जाएंगे। दूसरे साल यह राशि 6,000 रुपये और तीसरे साल 5,000 रुपये प्रति माह होगी। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद इन महिलाओं को एलआईसी के अन्य एजेंटों की तरह ही सभी सरकारी लाभ और सुविधाएं मिलेंगी।
पात्रता और कड़े नियम:
योजना के तहत पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एलआईसी ने कुछ सख्त नियम भी तय किए हैं। निगम के अनुसार, एलआईसी के किसी भी मौजूदा एजेंट या कर्मचारी के करीबी रिश्तेदार इस योजना के पात्र नहीं होंगे। इन रिश्तेदारों की श्रेणी में पति या पत्नी, बच्चे (गोद लिए या सौतेले समेत), माता-पिता, भाई-बहन और सगे ससुराल वालों को रखा गया है। इसके अलावा, एलआईसी से सेवानिवृत्त हो चुके कर्मचारी या वे पूर्व एजेंट जो दोबारा जुड़ना चाहते हैं, वे भी इस योजना का लाभ नहीं उठा पाएंगे।
आवेदन करने का तरीका:
बीमा सखी बनने के इच्छुक ग्रामीण महिलाएं एलआईसी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना पंजीकरण करा सकती हैं। आवेदन के लिए पोर्टल (licindia.in/lic-s-bima-sakhi) पर जाना होगा, जहां बीमा सखी योजना के विकल्प पर क्लिक करने के बाद एक ऑनलाइन फॉर्म खुलेगा। इस फॉर्म में आवेदक को अपना नाम, जन्म तिथि, मोबाइल नंबर, पता और आधार कार्ड नंबर जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां भरकर जमा करनी होंगी। एलआईसी के अनुसार, यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल है ताकि ग्रामीण महिलाएं आसानी से इससे जुड़ सकें(साभार एजेंसी)
