(नई दिल्ली)13जुलाई,2026
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने क्रिकेट के ‘होम ऑफ क्रिकेट’ लॉर्ड्स में इतिहास रचते हुए इंग्लैंड को 270 रन से हराकर पहला महिला टेस्ट अपने नाम कर लिया। यह लॉर्ड्स के 142 साल के टेस्ट इतिहास में पहला मौका था, जब इस प्रतिष्ठित मैदान पर महिला टेस्ट मैच खेला गया और भारत ने इस ऐतिहासिक मुकाबले को शानदार अंदाज में जीतकर यादगार बना दिया। भारत ने चौथे दिन सुबह इंग्लैंड की दूसरी पारी 186 रन पर समेटते हुए मुकाबला अपने नाम किया। इंग्लैंड को जीत के लिए 457 रन का विशाल लक्ष्य मिला था, लेकिन मेजबान टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी। भारत को अंतिम दिन जीत के लिए केवल चार विकेट की जरूरत थी, जिसे उसने पहले ही सत्र में हासिल कर लिया।
सचिन तेंदुलकर ने बढ़ाया टीम का उत्साह:
ऐतिहासिक जीत से पहले चौथे दिन सुबह भारतीय टीम को एक खास सरप्राइज मिला। महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर बिना किसी पूर्व सूचना के भारतीय ड्रेसिंग रूम पहुंचे और कप्तान हरमनप्रीत कौर सहित पूरी टीम और सपोर्ट स्टाफ से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया। इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज निक नाइट ने प्रसारण के दौरान कहा कि भारतीय खिलाड़ियों के लिए इससे बड़ा प्रेरणादायक क्षण शायद ही कोई हो सकता था। उन्होंने कहा कि सचिन का इस तरह अचानक टीम के बीच पहुंचना खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को और मजबूत करने वाला पल था। मैच समाप्त होने के बाद सचिन तेंदुलकर ने खिलाड़ियों से मुलाकात की और उन्हें ऐतिहासिक जीत की बधाई दी। आईसीसी चेयरमैन जय शाह भी लॉर्ड्स में मौजूद रहे और उन्होंने भी भारतीय टीम की इस उपलब्धि का साक्षी बने।
ऐसे मिली भारत को ऐतिहासिक जीत:
भारत ने पहली पारी में 285 रन बनाए। जवाब में इंग्लैंड की पहली पारी केवल 170 रन पर सिमट गई, जिससे भारत को 115 रन की महत्वपूर्ण बढ़त मिली। इसके बाद भारतीय टीम ने दूसरी पारी 147/7 के स्कोर पर घोषित कर इंग्लैंड के सामने 457 रन का लक्ष्य रखा। तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक इंग्लैंड का स्कोर 130/6 था और चौथे दिन भारतीय गेंदबाजों ने जल्द ही बाकी चार विकेट भी हासिल कर लिए।
गेंदबाजों ने किया कमाल:
भारत की जीत में तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने पहली पारी में पांच विकेट लेकर लॉर्ड्स के ऑनर्स बोर्ड में अपना नाम दर्ज कराया। दूसरी पारी में स्नेह राणा और दीप्ति शर्मा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए इंग्लैंड की वापसी की सभी उम्मीदें खत्म कर दीं। इंग्लैंड की ओर से सोफी एक्लेस्टोन ने संघर्षपूर्ण अर्धशतक लगाया, जबकि एमी जोन्स ने भी 54 रन बनाए, लेकिन दोनों की पारियां टीम को हार से नहीं बचा सकीं।
यास्तिका भाटिया ने रचा इतिहास:
भारतीय बल्लेबाजी की सबसे बड़ी स्टार यास्तिका भाटिया रहीं, जिन्होंने दूसरी पारी में 113 रन की शानदार शतकीय पारी खेली। उन्होंने 14 चौकों की मदद से यह उपलब्धि हासिल की और लॉर्ड्स में टेस्ट शतक लगाने वाली पहली महिला क्रिकेटर बनने का गौरव भी प्राप्त किया।
इंग्लैंड पर भारत की बढ़ी बादशाहत:
इस जीत के साथ महिला टेस्ट क्रिकेट में इंग्लैंड पर भारत की मजबूत पकड़ और मजबूत हो गई। दोनों टीमों के बीच अब तक खेले गए 16 टेस्ट मैचों में भारत ने चार मुकाबले जीते हैं, जबकि इंग्लैंड को केवल एक जीत मिली है। बाकी 11 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। खास बात यह है कि भारत को इंग्लैंड के खिलाफ अपनी इकलौती टेस्ट हार 1995 में मिली थी। लॉर्ड्स में दर्ज यह जीत भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास की सबसे यादगार उपलब्धियों में शामिल हो गई है। शानदार बल्लेबाजी, अनुशासित गेंदबाजी और महान खिलाड़ियों से मिले प्रेरणादायक समर्थन के दम पर भारत ने क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित मैदान पर इतिहास अपने नाम कर लिया।(साभार एजेंसी)
