डेढ़ घंटे में तय होगा “बनारस से प्रयागराज” का सफर

Uttar Pradesh

(वाराणसी)17अक्टूबर,2024.

यात्रियों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए यह सुविधा दी गई है। रेलवे लाइन का दोहरीकरण और विद्युतीकरण का काम लगभग पूरा हो चुका है। निरीक्षण के बाद अफसरों ने मानकों के आधार पर तय समय सीमा में कार्यों को पूरा करने का निर्देश दिया है।

बनारस से झूंसी तक 111.37 किलोमीटर लाइन का दोहरीकरण और विद्युतीकृत का काम पूरा हो चुका है। शेष प्रयागराज रामबाग से प्रयागराज तक (2.22 किमी) का काम 21 अक्तूबर को पूरा हो जाएगा और यह पूरा रेल खंड दोहरीकृत हो जाएगा। इसके बाद इस ट्रैक पर ट्रेनें जहां-तहां नहीं रुकेंगी और लगभग डेढ़ घंटे में बनारस-प्रयागराज का सफर तय होगा।

पूर्वोत्तर रेलवे की महाप्रबंधक सौम्या माथुर और डीआरएम वीके श्रीवास्तव ने बनारस-प्रयागराज रामबाग का विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण किया। महाकुंभ से पहले सभी खामियों को दुरूस्त करने के निर्देश दिए। मेजर ब्रिज संख्या-111 का मोटर ट्रॉली निरीक्षण व प्रयागराज रामबाग व झूंसी स्टेशनों पर मेला यात्रियों की सुविधा विस्तार कार्यों को भी जाना।

महाकुंभ को देखते हुए उन्होंने मेला तैयारियों के तहत यात्री सुविधा विस्तार कार्यों की समीक्षा की। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि गुणवत्ता के उचित मानकों के आधार पर तय समय सीमा में कार्यों को पूरा किया जाए।

अधिकारियों ने जाना कार्यों का हाल:
बनारस से प्रयाग रामबाग रेल खंड का विंडो ट्रेलिंग के दौरान रेलपथ की संरक्षा, गति व परिचालनिक व्यवस्थाओं को परखा। इसके पूर्व महाप्रबंधक ने झूंसी-दारागंज के बीच गंगा पर दोहरीकरण के तहत बन रहे मेजर रेल ब्रिज संख्या 111 पर मोटर ट्राॅली से निरीक्षण कर इंजीनियरों के साथ प्रगति की समीक्षा की।

आरवीएनएल के अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में इस मेजर ब्रिज का निर्माण कार्य डबल लाइन सबस्ट्रक्चर के साथ-साथ सुपरस्ट्रक्चर के लिए स्वीकृत है। पुल संख्या 111 झूंसी-दारागंज खंड में 24×76.2 मीटर स्पान (लगभग 2 किमी लंबाई) अब केवल एक स्पान निर्माणाधीन है।

सभी गर्डर लांच हो चुके हैं। दोनों सिरों पर डक्ट के माध्यम से गर्डर लॉन्चिंग का काम पूरा हो गया। झूंसी-प्रयागराज रेल खंड में 96 प्रतिशत फार्मेशन वर्क पूरा हो गया।

निरीक्षण में अवसर पर प्रमुख मुख्य परिचालन प्रबंधक अनिल कुमार सत्पथी, प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर संजय सिंघल, प्रमुख मुख्य सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर राजेश पांडेय, मुख्य ट्रैक इंजीनियर सुनील गुप्ता, मुख्य वाणिज्य प्रबंधक (यात्री सेवाएं) विजय कुमार, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (आरवीएनएल) विकास चंद्रा, वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त एस रामाकृष्णन आदि रहे(साभार एजेंसी)

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