अप्रैल के पहले सप्ताह में ही एक लाख मीट्रिक टन से ज्यादा गेहूं खरीद

Uttar Pradesh

(लखनऊ UP)09अप्रैल,2025.

उत्तर प्रदेश में पहली बार अप्रैल के पहले सप्ताह में ही एक लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं खरीद हुई है। इस वर्ष मोबाइल केंद्र के माध्यम से गांवों में जाकर किसानों से गेहूं खरीदा जा रहा है। अब तक 20409 किसानों से गेहूं खरीद हो चुकी है। वहीं, 3.56 लाख से अधिक किसानों ने गेहूं बिक्री के लिए पंजीकरण भी करा लिया है। गेहूं खरीद 15 जून तक चलेगी।

गेहूं की अच्छी खरीद हो, इसके लिए कटाई के पहले से ही गांव-गांव जाकर किसानों से संपर्क साधा गया और उन्हें सरकारी क्रय केंद्र पर बिक्री के लिए प्रेरित किया गया। पंजीकरण एवं सत्यापन की व्यवस्था में व्यापक सुधार भी किया गया। खाद्य व रसद विभाग पहली बार मोबाइल क्रय केंद्रों के माध्यम से किसान के खेत तक पहुंचा। एक तरफ कटाई चल रही है तो वहीं गेहूं मौके पर तौला जा रहा है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर अवकाश के दिनों में भी केंद्र खुले हैं, जिससे गेहूं बेचना किसानों के लिए काफी आसान हो गया है।

पंजीकृत किसान सत्यापन के बिना 100 क्विंटल तक गेहूं बेच सकता है। सत्यापन के बाद उत्पादन क्षमता के तीन गुना तक गेहूं बेचने की सुविधा है। क्रय केंद्रों पर बैठने और शुद्ध पेयजल आदि की भी समुचित व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि किसानों को 48 घंटे के भीतर भुगतान कर दिया जाए।

गेहूं की बिक्री के लिए किसानों को खाद्य व रसद विभाग के पोर्टल fcs.up.gov.in या विभाग के मोबाइल एप यूपी किसान मित्र पर पंजीकरण-नवीनीकरण कराना अनिवार्य है। विभाग ने किसानों से अनुरोध किया है कि गेहूं को ओसाकर, मिट्टी, कंकड़ और धूल को साफ कर अच्छी तरह से सुखाकर ही क्रय केंद्र पर बिक्री के लिए लेकर आएं।

टोल फ्री नंबर 18001800150 पर करें फोन:
क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद प्रतिदिन सुबह 8 से रात्रि 8 बजे तक हो रही है। दिक्कतों के समाधान के लिए खाद्य व रसद विभाग ने टोल फ्री नंबर 18001800150 जारी किया है। केंद्र सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2425 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। इस बार सरकार ने 150 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की है। खाद्य विभाग समेत आठ क्रय एजेंसियों के ने कुल 5780 क्रय केंद्र स्थापित किए हैं।(साभार एजेंसी)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *