(लखनऊ,UP)19दिसंबर,2025.
विद्युत नियामक आयोग की इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कोड रिव्यू पैनल की बृहस्पितवार को हुई बैठक में पावर कार्पोरेशन और विद्युत उपभोक्ता परिषद ने अपने- अपने तर्क रखे। अब पूरा मामला आयोग के पाले में है। उम्मीद है कि जनवरी में नई कास्ट डाटा बुक जारी हो जाएगी। इसमें स्मार्ट प्रीपेड मीटर की दरें तय करने के साथ ही नए कनेक्शन की दरें भी तय हो जाएंगी। ऐसे में अब इस्टीमेट के नाम पर अभियंता उपभोक्ताओं का शोषण नहीं कर पाएंगे।
विद्युत नियामक आयोग में आयोग अध्यक्ष अरविंद कुमार की अध्यक्षता और सदस्य संजय सिंह की मौजूदगी मे सुनवाई हुई। पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष डॉक्टर आशीष कुमार गोयल, प्रबंध निदेशक पंकज कुमार, उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा, मध्यांचल प्रबंध निदेशक रिया केजरीवाल सहित पावर कारपोरेशन के अन्य अधिकारियों एवं टोरेंट पावर, नोएडा पावर कंपनी के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष डॉ आशीष कुमार गोयल ने भी स्मार्ट प्रीपेड मीटर की दरें तय करने की मांग उठाई।
कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक पंकज कुमार ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर की दरों को विद्युत नियामक आयोग से अनुमोदित करने का प्रस्ताव रखते हुए बताया कि आयोग ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर की दरों में सिंगल फेस का 2800 और 3 फेज का 41 00 रुपया प्रस्तावित किया है, यह काफी कम है।
असम, महाराष्ट्र तमिलनाडु व पश्चिम बंगाल में स्मार्ट प्रीपेड मीटर की कीमत 5200 से लेकर 6325 के बीच है। सिर्फ नए कनेक्शन में स्मार्ट प्रीपेड मीटर की कीमत ली जा रही है। इस पर सप्लाई रिव्यू पैनल के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि केवल मीटर की कास्ट की बात होनी चाहिए।
राजस्थान में मीटर की कीमत सिंगल फेस और थ्री फेस की 2500 रुपया है। ऐसे में स्मार्ट प्रीपेड मीटर सिंगल फेज की कीमत 2,500 और थ्री फेज की कीमत 3,500 से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसी तरह उपभोक्ता सामग्री की दरें पावर कॉरपोरेशन के 2025-26 के कॉस्ट शेड्यूल से ली गई हैं, जिनमें पहले से ही 3% आकस्मिक व्यय, 1.5% टी एंड पी व्यय, 13.5% स्थापना/लेखा परीक्षा शुल्क एवं जीएसटी शामिल है। इसके बावजूद डाटा बुक में इन दरों को अधिक दिखाया गया है। इससे उपभोक्ताओं पर भार पड़ेगा। उपभोक्ता परिषद ने मांग की कि ग्रामीण महिलाओं को नए कनेक्शन में 33% और शहरी महिलाओं को 15% छूट दी जाए।
ट्रांसफार्मर वास्तविक लागत कास्ट डाटा बुक में प्रस्ताव
25 केवीए ट्रांसफार्मर 73,101 86,157
250 केवीए ट्रांसफार्मर 5,56,990 6,51,984
11 केवी केबल 1,173 प्रति मीटर 1,271 प्रति मीटर
8.5 मीटर पीसीसी पोल 2,435 से 2,600 3,012
उपभोक्ता हितों में इन मुद्दों पर हुई चर्चा
150 किलोवाट / 300 मीटर की एकमुश्त कनेक्शन सुविधा को केवल इलेक्ट्रिफाइड एरिया तक सीमित करने से गरीब, किसान और अविकसित कॉलोनियों के लोग वंचित होंगे।
40 मीटर के बाद दो कनेक्शन की सुविधा समाप्त करने से गरीब उपभोक्ताओं की लागत बढ़ेगी।
5 किलोवाट तक घरेलू उपभोक्ताओं की सिक्योरिटी व प्रोसेसिंग फीस बढ़ाने का कोई औचित्य नहीं।(साभार एजेंसी)
